DIG बोले-‘प्रत्येक महीने में 10 मामले निपटाएं’:पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता, सहरसा साइबर थाना का किया निरीक्षण

DIG बोले-‘प्रत्येक महीने में 10 मामले निपटाएं’:पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता, सहरसा साइबर थाना का किया निरीक्षण

कोसी प्रमंडल के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शुक्रवार को सहरसा साइबर थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान सहरसा के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग भी उपस्थित थे। डीआईजी ने साइबर थाना के कार्यों, लंबित मामलों, शिकायतों के निपटारे और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। डीआईजी ने थाना में रखी विभिन्न पंजियों और संचिकाओं का अवलोकन किया। उन्होंने इन्हें उचित ढंग से व्यवस्थित रखने और नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए, डीआईजी ने अगले माह तक अधिक से अधिक प्रकरणों का निपटारा करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साइबर थाना के सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रत्येक माह कम से कम 10 मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान, डीआईजी ने लंबे समय से लंबित साइबर अपराध संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि साइबर अपराध पीड़ितों को समय पर सहायता और न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अनुसंधान में तेजी लाने और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर बल दिया गया। डीआईजी ने देशभर में साइबर अपराध की शिकायतों के लिए संचालित साइबर पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निष्पादन और संबंधित कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि आम जनता को साइबर थाना के माध्यम से त्वरित और प्रभावी सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, डीआईजी ने साइबर थाना भवन और अन्य पुलिस भवनों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने थाना में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीआईजी ने अधिकारियों को कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। कोसी प्रमंडल के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शुक्रवार को सहरसा साइबर थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान सहरसा के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग भी उपस्थित थे। डीआईजी ने साइबर थाना के कार्यों, लंबित मामलों, शिकायतों के निपटारे और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। डीआईजी ने थाना में रखी विभिन्न पंजियों और संचिकाओं का अवलोकन किया। उन्होंने इन्हें उचित ढंग से व्यवस्थित रखने और नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए, डीआईजी ने अगले माह तक अधिक से अधिक प्रकरणों का निपटारा करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साइबर थाना के सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रत्येक माह कम से कम 10 मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान, डीआईजी ने लंबे समय से लंबित साइबर अपराध संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि साइबर अपराध पीड़ितों को समय पर सहायता और न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अनुसंधान में तेजी लाने और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर बल दिया गया। डीआईजी ने देशभर में साइबर अपराध की शिकायतों के लिए संचालित साइबर पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निष्पादन और संबंधित कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि आम जनता को साइबर थाना के माध्यम से त्वरित और प्रभावी सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, डीआईजी ने साइबर थाना भवन और अन्य पुलिस भवनों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने थाना में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीआईजी ने अधिकारियों को कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *