बिहार के तीन बड़े अधिकारी एक साथ छुट्टी पर चले गए हैं। इनमें बिहार पुलिस के महानिदेशक(DGP) विनय कुमार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष केएस द्विवेदी हैं। राज्य के डीजीपी विनय कुमार अचानक 21 दिनों की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। वहीं BPSC अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 25 दिन और BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी एक महीने की लिव पर हैं। तीन सीनियर ऑफिसर के एकसाथ छुट्टी पर जाने पर सवाल उठ रहे हैं। 1991 बैच की IAS अधिकारी और वर्तमान में होमगार्ड व फायर सर्विसेज की DG प्रीता वर्मा को बिहार का कार्यवाहक DGP बनाया गया है। गृह विभाग ने देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। 5 अक्टूबर तक छुट्टी पर विनय कुमार
सूत्रों के अनुसार, एक केंद्रीय मंत्री से डीजीपी विनय कुमार की बढ़ती नजदीकियों को लेकर राज्य सरकार उनसे काफी नाराज चल रही थी। शीर्ष स्तर पर तलब किए जाने के तुरंत बाद विनय कुमार पुलिस मुख्यालय पहुंचे और 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक छुट्टी का आवेदन दे दिया। देर शाम गृह विभाग ने छुट्टी की अधिसूचना जारी की, जिसमें स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर जाने का उल्लेख है। विनय कुमार के बाद सबसे सीनियर प्रीता वर्मा ही हैं, इसलिए सरकार ने उन्हें यह प्रभार सौंपा है। 10 साल से LTC का लाभ नहीं लियाः DGP विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पिछले दस सालों से एलटीसी (LTC) का लाभ नहीं लिया था, जबकि आईपीएस अधिकारियों के लिए हर दो साल में इसका प्रावधान होता है। उन्होंने इस संबंध में लगाए जा रहे कयासों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार का DGP के रूप में दो साल का निर्धारित कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 को पूरा हो रहा है। उनके पास दो पदों का विकल्प है। प्रीता वर्मा पुलिस कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी
प्रीता वर्मा बिहार के पुलिस इतिहास में राज्य पुलिस बल की कमान संभालने वाली पहली महिला IPS अधिकारी बन गई हैं। माना जा रहा है कि वे अगले 6 महीने तक इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालेंगी। इसके बाद अगले साल मार्च के बाद बिहार को नया स्थायी DGP मिलेगा। BPSC अध्यक्ष 25 दिन के अवकाश पर
BPSC के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 25 दिनों के लिए 15 सितंबर से 9 अक्तूबर तक छुट्टी पर रहेंगे। उन्होंने अपने अवकाश का कारण निजी बताया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की कमान सीनियर आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा को सौंपी गई है। 1992 बैच की बिहार कैडर की IAS हैं। कुछ ही समय में बीपीएससी को TRE-4 परीक्षा का आयोजन भी करना है। IAS हरजोत कौर से जुड़े विवाद के बारे में भी जानिए सितंबर 2022 में बिहार महिला विकास निगम की तत्कालीन प्रबंध निदेशक और हरजोत कौर को कंडोम से जुड़े उनके विवाद के कारण माफी मांगनी पड़ी थी। दरअसल, पटना में विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में छात्रा ने उनसे फ्री सेनेटरी पैड मुहैया कराए जाने को लेकर सवाल पूछा था। तब, हरजोत कौर ने कहा था कि इस मांग का कोई अंत है? 20 और 30 रुपए का पैड भी दे सकते हैं। कल को जींस पैंट भी दे सकते हैं। परसों कहेंगे कि जूते क्यों नहीं दे सकते हैं? अंत में जब परिवार नियोजन की बात आएगी तो निरोध भी मुफ्त में ही देना पड़ेगा। BPSSC चेयरमैन केएस. द्विवेदी भी छुट्टी पर
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSCC) के चेयरमैन केएस. द्विवेदी भी छुट्टी पर हैं। इसके पीछे पारिवारिक कारण बताया गया है। दूसरी ओर, दरोगा मेन्स परीक्षा में धांधली की जांच ईओयू कर रही है, जिससे आयोग पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। केएस. द्विवेदी के छुट्टी पर जाने के बाद आयोग के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के चेयरमैन और सीनियर आईपीएस जितेंद्र कुमार को दिए जाने की चर्चा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अब जानिए DGP की रेस में कौन से 6 IPS अफसर हैं 13 दिसंबर 2026 को बिहार के मौजूदा DGP (पुलिस महानिदेशक) विनय कुमार का 2 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। फिलहाल प्रीता वर्मा को प्रभार सौंपा गया है। अभी आधिकारिक तौर पर नए DGP के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है। सीनियरिटी, सेवा अवधि, मौजूदा पद, प्रशासनिक अनुभव और सरकार के संभावित सामाजिक समीकरण को देखते हुए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें कुंदन कृष्णन, जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और अमित कुमार प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। सीनियरिटी के लिहाज से प्रीता वर्मा का नाम भी महत्वपूर्ण है। 1. कुंदन कृष्णन: AK-47 वाले IPS की सबसे मजबूत दावेदारी 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन मौजूदा समय में बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की भी जिम्मेदारी दी गई। कुंदन कृष्णन की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा फील्ड और ऑपरेशनल अनुभव है। वह 31 मार्च 2029 को रिटायर होंगे। रेस में आगे होने की वजह क्या? पुलिस महकमे में कुंदन कृष्णन की पहचान एक दबंग और फील्ड ओरिएंटेड अधिकारी की रही है। कानून-व्यवस्था और ऑपरेशन से जुड़े मामलों में उनका अनुभव उन्हें दूसरे दावेदारों से अलग करता है। सम्राट सरकार में इनकी खूब चल रही है। IPS या फिर DSP की पोस्टिंग में सलाह ली जा रही है। कुंदन बिहार के मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी फिट माने जा रहे हैं। खासकर लव-कुश समीकरण की चर्चा में उनका नाम मजबूत दावेदार के तौर पर लिया जा रहा है। कुंदन कृष्णन मूल रूप से नालंदा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने इतिहास में एमए किया है। 2. जितेंद्र कुमार: सबसे सीनियर दावेदारों में से एक, लेकिन दिल्ली जाने की चर्चा 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र कुमार भी DGP की रेस में अहम नाम हैं। बैच के लिहाज से वे 1994 बैच के कुंदन कृष्णन और अमित कुमार से एक साल सीनियर हैं। जितेंद्र फिलहाल सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन हैं। उनके पास BSAP का अतिरिक्त प्रभार है। उनका रिटायरमेंट 31 मार्च 2030 को है। DGP बनने की स्थिति में उनके पास लंबा कार्यकाल उपलब्ध होगा। जितेंद्र कुमार की पहचान एक शांत, प्रशासनिक और नियमों के मुताबिक काम करने वाले अधिकारी के तौर पर है। उन्होंने बिहार पुलिस में CID और दूसरे महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। जितेंद्र के पक्ष में सबसे बड़ा प्लस पॉइंट सीनियरिटी DGP चयन में सीनियरिटी महत्वपूर्ण कारक होती है। इसके चलते जितेंद्र कुमार की दावेदारी को नजरअंदाज करना आसान नहीं है, लेकिन उनकी राह में एक दूसरी चर्चा भी है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने की संभावना है। BPRD के DG पद को लेकर भी उनका नाम चर्चा में है। अगर वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले जाते हैं तो बिहार DGP की रेस का समीकरण बदल सकता है। 3. अमित कुमार: PM मोदी की सुरक्षा में लगे हैं 1994 बैच के IPS अधिकारी अमित कुमार इस रेस के सबसे अलग दावेदार हैं। वे फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। SPG में OSD की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। अमित 31 अक्टूबर 2030 को रिटायर होंगे। सेवा अवधि के लिहाज से उनके पास लंबा समय है। बिहार के हैं। पटना और नालंदा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसिंग का अनुभव रखते हैं। CRPF में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्हें नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा का अनुभव मिला है। अमित की दावेदारी के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि क्या केंद्र सरकार उन्हें बिहार वापस भेजेगी? SPG में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके SPG की कमान संभालने की चर्चा भी है। ऐसे में बिहार की DGP कुर्सी के लिए उनका लौटना केंद्र के फैसले पर काफी हद तक निर्भर करेगा। 1994 बैच के IPS अधिकारी अमित कुमार 31 मार्च 2027 को SPG के नए चीफ बन जाएंगे। 4. जितेंद्र सिंह गंगवार: UP कनेक्शन और लव-कुश समीकरण 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार भी DGP की रेस में हैं। वे फिलहाल DG विजिलेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 31 जुलाई 2027 को रिटायर होने वाले हैं। सामान्य स्थिति में DGP बनने के बाद उनके पास लंबा कार्यकाल नहीं बचेगा। हालांकि, नियुक्ति और सेवा-विस्तार से जुड़े नियमों के तहत सरकार के पास विकल्प है। गंगवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील के भटासा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में M.E. किया है। बिहार पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। लंबे समय तक ADG हेडक्वार्टर रहे। बिहार पुलिस के आधिकारिक प्रवक्ता के तौर पर भी चर्चित रहे। दिसंबर 2024 से वे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के DG हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। साफ-सुथरी प्रशासनिक छवि और सरकार के साथ काम करने का अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। उन्हें 2010 में पुलिस पदक और 2019 में राष्ट्रपति पुलिस पदक मिल चुका है। 5. प्रीता वर्मा: रेस में महिला चेहरा भी 1992 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा बिहार की सबसे सीनियर महिला पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं। फिलहाल वे DG, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। प्रीता वर्मा इससे पहले DG ट्रेनिंग के पद पर थीं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी भी संभाली है। 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुई थीं। वरिष्ठता के लिहाज से उनका नाम महत्वपूर्ण है। 1992 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा बिहार की सबसे सीनियर महिला पुलिस अधिकारियों में से एक हैं। इनका नाम भी नए DGP के दौड़ में है। 6. IPS भृगु श्रीनिवासन: सीनियर, लेकिन रिटायरमेंट नजदीक बिहार कैडर के 1992 बैच के IPS अधिकारी भृगु श्रीनिवासन इस समय देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। NSG के के पद पर 31 अगस्त 2024 को तैनात किए गये थे। यह अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। UP के रहने वाले हैं। NSG प्रमुख बनने से पहले श्रीनिवासन बिहार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वे बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के निदेशक भी रहे। इसके बाद केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर उन्हें NSG की कमान मिली। बिहार के तीन बड़े अधिकारी एक साथ छुट्टी पर चले गए हैं। इनमें बिहार पुलिस के महानिदेशक(DGP) विनय कुमार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष केएस द्विवेदी हैं। राज्य के डीजीपी विनय कुमार अचानक 21 दिनों की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। वहीं BPSC अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 25 दिन और BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी एक महीने की लिव पर हैं। तीन सीनियर ऑफिसर के एकसाथ छुट्टी पर जाने पर सवाल उठ रहे हैं। 1991 बैच की IAS अधिकारी और वर्तमान में होमगार्ड व फायर सर्विसेज की DG प्रीता वर्मा को बिहार का कार्यवाहक DGP बनाया गया है। गृह विभाग ने देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। 5 अक्टूबर तक छुट्टी पर विनय कुमार
सूत्रों के अनुसार, एक केंद्रीय मंत्री से डीजीपी विनय कुमार की बढ़ती नजदीकियों को लेकर राज्य सरकार उनसे काफी नाराज चल रही थी। शीर्ष स्तर पर तलब किए जाने के तुरंत बाद विनय कुमार पुलिस मुख्यालय पहुंचे और 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक छुट्टी का आवेदन दे दिया। देर शाम गृह विभाग ने छुट्टी की अधिसूचना जारी की, जिसमें स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर जाने का उल्लेख है। विनय कुमार के बाद सबसे सीनियर प्रीता वर्मा ही हैं, इसलिए सरकार ने उन्हें यह प्रभार सौंपा है। 10 साल से LTC का लाभ नहीं लियाः DGP विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पिछले दस सालों से एलटीसी (LTC) का लाभ नहीं लिया था, जबकि आईपीएस अधिकारियों के लिए हर दो साल में इसका प्रावधान होता है। उन्होंने इस संबंध में लगाए जा रहे कयासों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार का DGP के रूप में दो साल का निर्धारित कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 को पूरा हो रहा है। उनके पास दो पदों का विकल्प है। प्रीता वर्मा पुलिस कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी
प्रीता वर्मा बिहार के पुलिस इतिहास में राज्य पुलिस बल की कमान संभालने वाली पहली महिला IPS अधिकारी बन गई हैं। माना जा रहा है कि वे अगले 6 महीने तक इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालेंगी। इसके बाद अगले साल मार्च के बाद बिहार को नया स्थायी DGP मिलेगा। BPSC अध्यक्ष 25 दिन के अवकाश पर
BPSC के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 25 दिनों के लिए 15 सितंबर से 9 अक्तूबर तक छुट्टी पर रहेंगे। उन्होंने अपने अवकाश का कारण निजी बताया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की कमान सीनियर आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा को सौंपी गई है। 1992 बैच की बिहार कैडर की IAS हैं। कुछ ही समय में बीपीएससी को TRE-4 परीक्षा का आयोजन भी करना है। IAS हरजोत कौर से जुड़े विवाद के बारे में भी जानिए सितंबर 2022 में बिहार महिला विकास निगम की तत्कालीन प्रबंध निदेशक और हरजोत कौर को कंडोम से जुड़े उनके विवाद के कारण माफी मांगनी पड़ी थी। दरअसल, पटना में विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में छात्रा ने उनसे फ्री सेनेटरी पैड मुहैया कराए जाने को लेकर सवाल पूछा था। तब, हरजोत कौर ने कहा था कि इस मांग का कोई अंत है? 20 और 30 रुपए का पैड भी दे सकते हैं। कल को जींस पैंट भी दे सकते हैं। परसों कहेंगे कि जूते क्यों नहीं दे सकते हैं? अंत में जब परिवार नियोजन की बात आएगी तो निरोध भी मुफ्त में ही देना पड़ेगा। BPSSC चेयरमैन केएस. द्विवेदी भी छुट्टी पर
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSCC) के चेयरमैन केएस. द्विवेदी भी छुट्टी पर हैं। इसके पीछे पारिवारिक कारण बताया गया है। दूसरी ओर, दरोगा मेन्स परीक्षा में धांधली की जांच ईओयू कर रही है, जिससे आयोग पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। केएस. द्विवेदी के छुट्टी पर जाने के बाद आयोग के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के चेयरमैन और सीनियर आईपीएस जितेंद्र कुमार को दिए जाने की चर्चा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अब जानिए DGP की रेस में कौन से 6 IPS अफसर हैं 13 दिसंबर 2026 को बिहार के मौजूदा DGP (पुलिस महानिदेशक) विनय कुमार का 2 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। फिलहाल प्रीता वर्मा को प्रभार सौंपा गया है। अभी आधिकारिक तौर पर नए DGP के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है। सीनियरिटी, सेवा अवधि, मौजूदा पद, प्रशासनिक अनुभव और सरकार के संभावित सामाजिक समीकरण को देखते हुए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें कुंदन कृष्णन, जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और अमित कुमार प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। सीनियरिटी के लिहाज से प्रीता वर्मा का नाम भी महत्वपूर्ण है। 1. कुंदन कृष्णन: AK-47 वाले IPS की सबसे मजबूत दावेदारी 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन मौजूदा समय में बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की भी जिम्मेदारी दी गई। कुंदन कृष्णन की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा फील्ड और ऑपरेशनल अनुभव है। वह 31 मार्च 2029 को रिटायर होंगे। रेस में आगे होने की वजह क्या? पुलिस महकमे में कुंदन कृष्णन की पहचान एक दबंग और फील्ड ओरिएंटेड अधिकारी की रही है। कानून-व्यवस्था और ऑपरेशन से जुड़े मामलों में उनका अनुभव उन्हें दूसरे दावेदारों से अलग करता है। सम्राट सरकार में इनकी खूब चल रही है। IPS या फिर DSP की पोस्टिंग में सलाह ली जा रही है। कुंदन बिहार के मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी फिट माने जा रहे हैं। खासकर लव-कुश समीकरण की चर्चा में उनका नाम मजबूत दावेदार के तौर पर लिया जा रहा है। कुंदन कृष्णन मूल रूप से नालंदा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने इतिहास में एमए किया है। 2. जितेंद्र कुमार: सबसे सीनियर दावेदारों में से एक, लेकिन दिल्ली जाने की चर्चा 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र कुमार भी DGP की रेस में अहम नाम हैं। बैच के लिहाज से वे 1994 बैच के कुंदन कृष्णन और अमित कुमार से एक साल सीनियर हैं। जितेंद्र फिलहाल सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन हैं। उनके पास BSAP का अतिरिक्त प्रभार है। उनका रिटायरमेंट 31 मार्च 2030 को है। DGP बनने की स्थिति में उनके पास लंबा कार्यकाल उपलब्ध होगा। जितेंद्र कुमार की पहचान एक शांत, प्रशासनिक और नियमों के मुताबिक काम करने वाले अधिकारी के तौर पर है। उन्होंने बिहार पुलिस में CID और दूसरे महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। जितेंद्र के पक्ष में सबसे बड़ा प्लस पॉइंट सीनियरिटी DGP चयन में सीनियरिटी महत्वपूर्ण कारक होती है। इसके चलते जितेंद्र कुमार की दावेदारी को नजरअंदाज करना आसान नहीं है, लेकिन उनकी राह में एक दूसरी चर्चा भी है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने की संभावना है। BPRD के DG पद को लेकर भी उनका नाम चर्चा में है। अगर वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले जाते हैं तो बिहार DGP की रेस का समीकरण बदल सकता है। 3. अमित कुमार: PM मोदी की सुरक्षा में लगे हैं 1994 बैच के IPS अधिकारी अमित कुमार इस रेस के सबसे अलग दावेदार हैं। वे फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। SPG में OSD की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। अमित 31 अक्टूबर 2030 को रिटायर होंगे। सेवा अवधि के लिहाज से उनके पास लंबा समय है। बिहार के हैं। पटना और नालंदा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसिंग का अनुभव रखते हैं। CRPF में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्हें नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा का अनुभव मिला है। अमित की दावेदारी के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि क्या केंद्र सरकार उन्हें बिहार वापस भेजेगी? SPG में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके SPG की कमान संभालने की चर्चा भी है। ऐसे में बिहार की DGP कुर्सी के लिए उनका लौटना केंद्र के फैसले पर काफी हद तक निर्भर करेगा। 1994 बैच के IPS अधिकारी अमित कुमार 31 मार्च 2027 को SPG के नए चीफ बन जाएंगे। 4. जितेंद्र सिंह गंगवार: UP कनेक्शन और लव-कुश समीकरण 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार भी DGP की रेस में हैं। वे फिलहाल DG विजिलेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 31 जुलाई 2027 को रिटायर होने वाले हैं। सामान्य स्थिति में DGP बनने के बाद उनके पास लंबा कार्यकाल नहीं बचेगा। हालांकि, नियुक्ति और सेवा-विस्तार से जुड़े नियमों के तहत सरकार के पास विकल्प है। गंगवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील के भटासा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में M.E. किया है। बिहार पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। लंबे समय तक ADG हेडक्वार्टर रहे। बिहार पुलिस के आधिकारिक प्रवक्ता के तौर पर भी चर्चित रहे। दिसंबर 2024 से वे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के DG हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। साफ-सुथरी प्रशासनिक छवि और सरकार के साथ काम करने का अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। उन्हें 2010 में पुलिस पदक और 2019 में राष्ट्रपति पुलिस पदक मिल चुका है। 5. प्रीता वर्मा: रेस में महिला चेहरा भी 1992 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा बिहार की सबसे सीनियर महिला पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं। फिलहाल वे DG, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। प्रीता वर्मा इससे पहले DG ट्रेनिंग के पद पर थीं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी भी संभाली है। 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुई थीं। वरिष्ठता के लिहाज से उनका नाम महत्वपूर्ण है। 1992 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा बिहार की सबसे सीनियर महिला पुलिस अधिकारियों में से एक हैं। इनका नाम भी नए DGP के दौड़ में है। 6. IPS भृगु श्रीनिवासन: सीनियर, लेकिन रिटायरमेंट नजदीक बिहार कैडर के 1992 बैच के IPS अधिकारी भृगु श्रीनिवासन इस समय देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। NSG के के पद पर 31 अगस्त 2024 को तैनात किए गये थे। यह अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। UP के रहने वाले हैं। NSG प्रमुख बनने से पहले श्रीनिवासन बिहार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वे बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के निदेशक भी रहे। इसके बाद केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर उन्हें NSG की कमान मिली।

