हांसी जिले के गांव दयाल सिंह कॉलोनी में सोमवार को ग्रामीणों ने अधूरे नाले, गंदे पानी की निकासी और पेयजल संकट को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। गांव के सरपंच श्याम खांडा ने बताया कि पंचायत ने गांव से सिसाय पुल की ड्रेन तक नाला निर्माण की मांग की थी। लगभग 82 लाख रुपए की लागत से यह कार्य शुरू भी हुआ था, लेकिन ठेकेदार बीच में ही काम छोड़कर चला गया। ग्रामीणों ने पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया सरपंच खांडा ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने अपना काम पूरा होने का दावा किया, जबकि मौके पर स्थिति भिन्न है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसडीओ, एक्सईएन और उपायुक्त को शिकायतें भेजी गईं, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार को भुगतान जारी कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने गांव में गंभीर पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। महिलाओं ने बताया कि पिछले 2 से 3 महीनों से पीने के पानी की भारी कमी है, जिसके कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। गंदा पानी जमा होने से बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ी ग्रामीणों ने गंदे पानी की निकासी की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि जगह-जगह पानी जमा होने से बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बरसात से पहले इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो महामारी फैलने का खतरा है। इस मामले में बीडीओ अशोक मेहरा से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की जानकारी लेंगे। ग्रामीणों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी गौरतलब है कि हांसी-बरवाला रोड पर स्थित गांव दयाल सिंह कॉलोनी पिछले लंबे समय से टूटी-फूटी सड़कों, अधूरी ड्रेनेज व्यवस्था और पेयजल संकट जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान नहीं होने पर चैनत गांव जैसा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा कि वह प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेट देते हैं अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण मिलकर रोड जाम करेंगे।


