1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मप्र मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (MR) खंडवा के सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर श्रम कार्यालय पहुंचकर श्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव उपस्थित रहे और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों पर विरोध जताया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व के 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर उन्हें चार नए लेबर कोड में परिवर्तित किया गया है। उनका आरोप है कि इन नए श्रम कोड्स के लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और शोषण की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से नौकरी की सुरक्षा, कार्य समय, वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ज्ञापन के माध्यम से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने सरकार से मांग की कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए इन लेबर कोड्स पर पुनर्विचार किया जाए और मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस दौरान यूनिट के अध्यक्ष अनूप फुलमाली, सचिव नवीन आरतानी, वरिष्ठ सदस्य देवेंद्रसिंह सोलंकी, सह सचिव अंकित महेश्वरी, उपाध्यक्ष गुलनाज सिद्दीकी, गौरव सोनी, अंजलि महाजन, सुनील गोस्वामी, शक्ति सिंह सोलंकी, अंकित शहापुरकर, मनीष खेतवास, ऋषदीप और चेतन राठौर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


