सीहोर शहर में जल संकट के बीच शुक्रवार को नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुरली क्षेत्र स्थित पानी की टंकी एक बार फिर ओवरफ्लो हो गई, जिससे हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर व्यर्थ बह गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब शहरवासी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि टंकी का बार-बार ओवरफ्लो होना यह दर्शाता है कि संबंधित कर्मचारी और अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। भीषण गर्मी में गिरते जलस्तर के बीच इस तरह पानी की बर्बादी को एक गंभीर अपराध माना जा रहा है। सीवन नदी पूरी तरह सूख चुकी
मई की शुरुआत के साथ ही जिले में जल संकट और गहरा गया है। हालात इतने खराब हैं कि महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ रहा है। प्रशासन के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत प्यासी नजर आ रही है। शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सीवन नदी भी इस समय पूरी तरह सूख चुकी है, जिससे संकट और बढ़ गया है। जिले में भूजल स्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया है। रिपोर्टों के अनुसार, कई क्षेत्रों में जल स्तर 10 से 20 मीटर से भी नीचे चला गया है। बड़ी संख्या में हैंडपंप या तो सूख चुके हैं या तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सुधार कार्यों में देरी हो रही है। पचामा, रोला और आलमपुरा जैसे गांवों में स्थिति और भी विकट है। यहां की महिलाएं 4 किलोमीटर दूर झिरी से गंदा पानी छानकर पीने को मजबूर हैं। ऐसी तस्वीरें पिछले दिनों सामने आई थीं, जो जल संकट की गंभीरता को दर्शाती हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्ट्रेट में महिलाओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।


