भिवानी जिले के लोहारू में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। बता दे कि यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। धरने के दौरान, किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट कमेटी सचिव से मुलाकात की। उन्होंने गेहूं की आवक और उठान की स्थिति पर जानकारी ली। सचिव ने बताया कि अब तक लगभग 80 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जिसमें से 50 हजार क्विंटल का उठान हो चुका है।
किसानों ने अनाज मंडी में प्रदर्शन किया सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल तक बेची गई फसल का भुगतान किसानों के खातों में 13 अप्रैल को कर दिया गया था। प्रदर्शन के बाद, किसानों ने अनाज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अन्य किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में भी बात की। मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन सौंपा किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में शहर में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में मार्केट कमेटी सचिव को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बायोमेट्रिक प्रणाली पर किसानों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ किसानों ने इसे सुविधाजनक बताया, वहीं अधिकांश किसान संगठनों ने इस व्यवस्था का कड़ा विरोध किया। नए नियमों को वापस लेने की मांग किसान नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए कानूनों और बायोमेट्रिक प्रणाली से किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार इन निर्णयों को वापस नहीं लेती, तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा और भविष्य में इसे और तेज किया जाएगा। बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद आज के धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता मेवा सिंह आर्य ने की, जबकि मंच संचालन जयसिंह गिगनाऊ द्वारा किया गया। इस अवसर पर नरेन्द्र फरटिया, मास्टर उमराव सिंह, सतवीर दहिया, आजाद सिंह भुंगला, सतवीर हरयास, देविदान पहाड़ी, बलवंत खरखड़ी, धर्मपाल, गुरदयाल, शेरसिंह बड़दू सहित अनेक किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बायोमेट्रिक व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग किसानों ने प्रशासन से मांग की कि मंडी में गेहूं उठान की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो तथा बायोमेट्रिक व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।


