जालोर के जसवंतपुरा थाना क्षेत्र के उचमत जुना खेड़ा गांव निवासी इटादेवी पत्नी अजाराम सहित अन्य ग्रामीणों ने शनिवार को जालोर जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान परिजनों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर अजाराम की हत्या मामले में निष्पक्ष जांच, मुख्य आरोपी का नाम जोड़ने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन में बताया गया कि 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे अजाराम के पास धनाराम पुत्र कालाराम भील का फोन आया था। इसके बाद धनाराम, कनीयाराम और जगीयाराम उसे अपने साथ ले गए। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद अजाराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इटादेवी ने आरोप लगाया कि मामले में मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह, मनोहर सिंह सहित अन्य लोगों के नाम भी मुकदमे में शामिल किए जाएं और सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पालनपुर अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट मौजूद होने के बावजूद पोस्टमॉर्टम के दौरान लापरवाही बरती गई। इटादेवी ने जसवंतपुरा के सरकारी चिकित्सकों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुलिस थाना जसवंतपुरा के अधिकारियों पर भी लापरवाही और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


