देशी गोवंश की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर अभियान शुरू हुआ है। ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गोभक्तों और जागरूक नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। पत्र में मांग की है कि देशी गाय (वेदलक्षणा गोमाता) को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिया जाए। इस पत्र में गायों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से कड़े कानून बनाने की अपील की गई है। स्वतंत्र ‘गो सेवा मंत्रालय’ बनाने की मांग पत्र में प्रधानमंत्री से निवेदन किया गया है कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं, उसी प्रकार अब गोवंश के संरक्षण के लिए एक स्वतंत्र ‘केंद्रीय गो सेवा मंत्रालय’ का गठन किया जाए। मांग की गई है कि एक ऐसा केंद्रीय कानून बने जो पूरे देश में समान रूप से लागू हो, ताकि राज्यों की सीमाओं के कारण गो-तस्करी न हो सके। गो-तस्करी पर आजीवन कारावास की मांग अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि गो-तस्करी और गो-वध को ‘गैर-जमानती अपराध’ की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। पत्र में मांग की गई है कि इस अपराध में शामिल दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिले और उनकी संपत्ति भी जब्त की जाए।
अभियान की मुख्य मांगें राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 50-100 किलोमीटर पर ‘गो-वाहिनी एम्बुलेंस’ और ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएं ताकि एक्सीडेंट में घायल गायों का तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया जा सके। हर ग्राम पंचायत में ‘नंदीशाला’ और जिला स्तर पर ‘आदर्श गो अभयारण्य’ की स्थापना अनिवार्य हो। गायों के चरने वाली जमीन (गोचर भूमि) को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और इसके लिए अलग से ‘गोचर विकास बोर्ड’ बने।


