‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के सौरभ दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनके वकील ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। यह घटनाक्रम एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) द्वारा दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत को 21 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। अब उनकी कानूनी टीम हिरासत के इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग कर रही है।
इसे भी पढ़ें: Punjab में नशा पीड़ितों के परिजनों से मिले Amit Shah, CBI जांच की मांग पर न्याय का भरोसा दिया
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका कुछ अन्य लोगों के साथ मंगलवार को भारी बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा को भेदते हुए जंतर-मंतर पहुंच गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया जिसका मतलब है कि अब इस स्थान पर धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग करते हुए कहा, आप प्रतिरोध की आवाज को दबा नहीं सकते। संगठन ने अपनी कार्रवाई को जंतर-मंतर पर फिर से अपना अधिकार स्थापित करने और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की बहाली के लिए प्रयास बताया।
कॉजपा ने एक बयान में कहा, किला बने जंतर मंतर पर पुनः अधिकार कर लिया गया है। इसमें कहा गया कि इसके सदस्यों ने भारी बैरिकेड वाली जगह में प्रवेश किया और वहां तिरंगा फहराया। कॉजपा ने जंतर मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से बाहर करने की निंदा की। इस संगठन ने नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जंतर मंतर पर 36 दिन तक धरना दिया था जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। इससे पहले, दीपके, दास और रांका को शनिवार को एक उड़ान से दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर संगठन द्वारा आहूत प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए व्यापक सुरक्षा उपायों के तहत की थी। हालांकि उन्हें एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।
इसे भी पढ़ें: Punjab में नशा पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे Amit Shah
हालांकि, कॉजपा नेताओं ने सीईसी के इस्तीफा देने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा था, निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन शांति में खलल नहीं डाल रहा है। कॉजपा के अनुसार, रांका, दास और अजिंक्य शिंदे सहित उसके लगभग 11 सदस्यों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि दास, रांका और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। दीपके ने ‘एक्स’ पर कहा, तिरंगा के साथ कॉकरोच आज तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले जंतर-मंतर में दाखिल हो गए। दीपके ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें कॉजपा सदस्यों को भारी बैरिकेड वाले जंतर-मंतर की ओर भागते हुए और फिर एक गेट से कूदते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने भारत माता की जय जैसे नारे लगाए तथा सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग की। हालांकि पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया।

