रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर सुनवाई पूरी हो गई है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट अब इस मामले में 23 मई को अपना फैसला सुना सकती है। यह मामला वर्ष 2019 में रामपुर के सिविल लाइंस थाने में भाजपा नेता और नगर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथि और दस्तावेजों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। इसमें फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने आजम खान को भी आरोपी बनाया और दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। करीब छह साल तक चले ट्रायल के बाद, बीते 17 नवंबर 2025 को रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। फैसले के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद बचाव पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल कर फैसले को चुनौती दी, जिसे लगभग एक माह पहले सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अलग से अपील दायर कर सजा बढ़ाने की मांग की थी। अभियोजन का तर्क था कि यह गंभीर फर्जीवाड़े का मामला है, इसलिए दोषियों को अधिक कठोर सजा मिलनी चाहिए। पिछले कई दिनों से सेशन कोर्ट में इस अपील पर सुनवाई चल रही थी। मंगलवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई, जिसके बाद अदालत ने फैसले के लिए 23 मई की तारीख तय की है।


