चकरेड़ा गांव के निवासी बुजुर्ग संत्तू लाल का निधन होने के बाद सगे-संबंधी और नाते-रिश्तेदार 23 अप्रैल को उनका दाह संस्कार करने हरिद्वार गए थे। दाह संस्कार की रस्में पूरी कर सभी लोग भारी मन से वाहन में सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। दोपहर के करीब सवा दो बज रहे थे। चंबा-कोटीकॉलोनी मार्ग पर नैल गांव के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हुआ और पलक झपकते ही सड़क से ओझल होकर गहरी खाई में समा गया। चीख-पुकार और मलबे के बीच 8 लोगों की सांसें मौके पर ही थम गईं, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। हादसे में मृतक का बेटा प्रेमलाल के अलावा दामाद आशा लाल निवासी ठेला, चांजी निवासी दामाद विजय लाल और उसका भाई लक्ष्मण की भी मौत हो गई] जबकि लोस्तू बडियारगढ़ निवासी दामाद उत्तम कुमार घायल हो गया।
इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। इसके साथ ही मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड में एक वाहन के खाई में गिरने से लोगों की मृत्यु होने का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक-संतप्त परिवारजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना में हुए नुकसान पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में दुर्घटना के कारण हुई जान-माल की हानि दुखद है। मैं उन लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। ईश्वर करे कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।
आर्थिक मदद की भी घोषणा
आगे बताया गया कि पीएमएनआरएफ की ओर से जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।


