अक्षय तृतीया से शुरू हुए चार दिवसीय पाटोत्सव का गुरुावार को गुप्त वृन्दावन धाम में समापन हुआ। अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण-बलराम के महाभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें शहरभर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह के अंतिम दिन भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद 108 कलशों से महाभिषेक किया गया। 108 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। अभिषेक में फूलों, फलों के रस और पवित्र जल का उपयोग किया गया। जैसे ही भगवान पालकी में विराजमान होकर वृन्दावन गार्डन पहुंचे, श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। संकीर्तन में झूमे भक्त हरिनाम संकीर्तन की गूंज के साथ पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए और वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। महाभिषेक के समापन पर भव्य आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा गुप्त वृन्दावन धाम रोशनी से जगमगा उठा और कार्यक्रम का समापन यादगार बन गया। धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने सभी श्रद्धालुओं को पाटोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान की भक्ति ही जीवन में सच्ची शांति और संतोष का मार्ग है।


