राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने विद्युत चोरी से जुड़े सतर्कता जांच प्रकरणों (VCR) के निस्तारण के लिए नए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश 15 अप्रैल को पारित आदेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं।
इनमें 27 जनवरी 2021 के पूर्व आदेश में आंशिक बदलाव किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं और गैर-उपभोक्ताओं को राहत मिली है। नए निर्देशों के तहत विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 और 138 के अंतर्गत आने वाले मामलों में अपील की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब राजस्व निर्धारण पुनरीक्षण समिति के समक्ष अपील दायर करने के लिए पंजीकृत नोटिस की तिथि से 30 दिन के स्थान पर 60 दिन का समय मिलेगा। उन विद्युत चोरी मामलों को एक अंतिम अवसर प्रदान किया गया है, जिनमें निर्धारित समय में अपील नहीं की जा सकी थी या सुनवाई नहीं मिल पाई थी। ऐसे मामलों में आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिन के भीतर आवेदन किया जा सकता है। धौलपुर में लंबित पुरानी VCR प्रकरणों की सुनवाई 27 मई तक की जाएगी।
जिन प्रकरणों की पहले सुनवाई नहीं हो पाई थी, उन्हें भी इस नई समय सीमा के तहत शामिल कर राहत प्रदान की जाएगी। इन मामलों की सुनवाई धौलपुर वृत्त कार्यालय में की जाएगी। अधीक्षण अभियंता (SE) विवेक शर्मा ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से लंबित VCR वाले उपभोक्ताओं और गैर-उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।


