अररिया के पलासी थाना क्षेत्र में 4 जून को एक महिला का शव बांस की झाड़ी में मिला। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मृतका के पति गौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, लापता 4 वर्षीय बेटे आर्यन कुमार को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि 4 जून की सुबह 9 बजे ग्रामीणों और चौकीदारों ने कनखुदिया से गंगझाली जाने वाली सुरकिया धार के पास बांस की झाड़ी में एक महिला का शव पड़े होने की सूचना दी थी। शव पर चोट के कई निशान थे। सोशल मीडिया के माध्यम से शव की पहचान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई। सोशल मीडिया के माध्यम से आसपास के गांवों में शव की पहचान कराई गई। मृतका की पहचान पिपड़ा विजवाड़ गांव निवासी 32 वर्षीय नबीता देवी के रूप में हुई, जो विद्यानंद मंडल की पुत्री थीं। तीन साल से पति-पत्नि में चल रहा था विवाद नबीता के माता-पिता ने शव की पहचान की और पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का पिछले तीन साल से दामाद गौरव कुमार से विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण नबीता अपने 4 वर्षीय बेटे आर्यन के साथ मायके में रह रही थी। 3 जून की शाम करीब 5:30 बजे गौरव कुमार बाइक लेकर आया और नबीता व आर्यन को कालियागंज बाजार खरीदारी के लिए ले गया। लौटते समय, रात करीब 9 बजे गौरव ने कनखुदिया-गंगझाली के बीच बांस की झाड़ी में ले जाकर नबीता की निर्मम हत्या कर दी और शव को वहीं छिपा दिया। मामले में SIT का गठन, FIR दर्ज मामले में प्राथमिकी संख्या 240/26 दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक अररिया के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गौरव कुमार विश्वास को गिरफ्तार कर लिया और उसकी बाइक भी जब्त कर ली। बालक आर्यन को सकुशल बरामद किया गया। एसआईटी टीम में पुनी सह थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार, श्यामा सिंह, रौशन कुमार सिंह, शेख हसीना समेत कई जवान शामिल थे। पुलिस आगे पूछताछ में जुट गई है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा पर सख्त कानून की मांग कर रहे हैं। अररिया के पलासी थाना क्षेत्र में 4 जून को एक महिला का शव बांस की झाड़ी में मिला। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मृतका के पति गौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, लापता 4 वर्षीय बेटे आर्यन कुमार को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि 4 जून की सुबह 9 बजे ग्रामीणों और चौकीदारों ने कनखुदिया से गंगझाली जाने वाली सुरकिया धार के पास बांस की झाड़ी में एक महिला का शव पड़े होने की सूचना दी थी। शव पर चोट के कई निशान थे। सोशल मीडिया के माध्यम से शव की पहचान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई। सोशल मीडिया के माध्यम से आसपास के गांवों में शव की पहचान कराई गई। मृतका की पहचान पिपड़ा विजवाड़ गांव निवासी 32 वर्षीय नबीता देवी के रूप में हुई, जो विद्यानंद मंडल की पुत्री थीं। तीन साल से पति-पत्नि में चल रहा था विवाद नबीता के माता-पिता ने शव की पहचान की और पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का पिछले तीन साल से दामाद गौरव कुमार से विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण नबीता अपने 4 वर्षीय बेटे आर्यन के साथ मायके में रह रही थी। 3 जून की शाम करीब 5:30 बजे गौरव कुमार बाइक लेकर आया और नबीता व आर्यन को कालियागंज बाजार खरीदारी के लिए ले गया। लौटते समय, रात करीब 9 बजे गौरव ने कनखुदिया-गंगझाली के बीच बांस की झाड़ी में ले जाकर नबीता की निर्मम हत्या कर दी और शव को वहीं छिपा दिया। मामले में SIT का गठन, FIR दर्ज मामले में प्राथमिकी संख्या 240/26 दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक अररिया के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गौरव कुमार विश्वास को गिरफ्तार कर लिया और उसकी बाइक भी जब्त कर ली। बालक आर्यन को सकुशल बरामद किया गया। एसआईटी टीम में पुनी सह थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार, श्यामा सिंह, रौशन कुमार सिंह, शेख हसीना समेत कई जवान शामिल थे। पुलिस आगे पूछताछ में जुट गई है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा पर सख्त कानून की मांग कर रहे हैं।


