आणंद के बोरसद में शोक की लहर, अंतिम यात्रा में शामिल हुए लोगों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
आणंद. जिले के बोरसद की मूल निवासी युवती विधि मेघा की कनाडा में हत्या के बाद 21 दिन बाद उसका पार्थिव शरीर रविवार को वतन पहुंचा। जैसे ही पैतृक निवास पर शव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित और स्थानीय लोग उसकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
परिवार के सदस्यों का दु:ख देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे क्षेत्र में शोक और गम का वातावरण फैल गया। विधि की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बाद में श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसके पिता कल्पेश मेघा सहित परिवार के अन्य सदस्य फूट-फूटकर रो पड़े। परिजनों के इस हृदयविदारक विलाप को देखकर श्मशान में उपस्थित अनेक लोगों की आंखें भी भर आईं और माहौल अत्यंत भावुक हो गया।
बोरसद निवासी विधि मेघा 4 साल पहले उच्च शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर जीवन के सपने पूरे करने के उद्देश्य से कनाडा गई थीं। प्रारंभ में वह कुछ समय तक अपने मामा के साथ रहीं। बाद में उसे वहां नौकरी मिल गई, नियाग्रा में अलग मकान लेकर रहने लगीं। वहां वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी कर रही थीं। साथ ही, वह कनाडा में स्थायी निवास प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी कर रही थीं।
14 मई को पिता के साथ उसकी अंतिम बार बातचीत हुई थी। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं होने से वे चिंतित हो गए। इसी बीच, 15 मई को नियाग्रा पुलिस को मिली सूचना के आधार पर जांच की गई, तो एक आवासीय मकान से विधि का खून से लथपथ शव बरामद हुआ।
घटनास्थल पर उसके साथ मौजूद 40 साल का जोशुआ सेंट ओमर भी गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने जोशुआ सेंट ओमर को विधि की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने कनाडा में रहने वाले गुजराती परिवारों के बीच भी चिंता और भय का माहौल है।


