मनरेगा-आवास घोटाले में अफसर पर शिकंजा:गोंडा में बिना काम 37 लाख का भुगतान, अब कोर्ट में चलेगा केस

मनरेगा-आवास घोटाले में अफसर पर शिकंजा:गोंडा में बिना काम 37 लाख का भुगतान, अब कोर्ट में चलेगा केस

गोंडा जिले के मुजेहना ब्लॉक की बेसहुपुर ग्राम पंचायत में हुए मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाले में अब कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में रामपुर में तैनात वर्तमान परियोजना निदेशक (डीआरडीए) हरिश्चंद्र राम प्रजापति की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शासन ने उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दे दी है। जांच में सामने आया कि गांव में कोई असली काम कराए बिना ही करीब 37.74 लाख रुपये निकाल लिए गए। कागजों पर विकास कार्य दिखाकर पैसा पास कर दिया गया। यह गड़बड़ी मनरेगा के कामों में सामने आई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी बड़ा खेल हुआ। जांच में पता चला कि 17 ऐसे लोगों को आवास दे दिया गया, जो इसके हकदार ही नहीं थे। बाद में उनसे पैसा वापस कराया गया। इस पूरे मामले में सिर्फ एक अफसर ही नहीं, बल्कि कई लोग जांच के दायरे में हैं। इनमें तत्कालीन एपीओ उमेश वर्मा, लेखाकार नंदश्याम, ग्राम पंचायत अधिकारी अमरजीत, प्रधान सुरजीत कुमार, तकनीकी सहायक राकेश शर्मा और रोजगार सेवक राधेश्याम के नाम भी सामने आए हैं।
शिकायत के बाद कोर्ट में जाएगी चार्जशीट इस घोटाले का खुलासा साल 2020 में गांव के ही एक व्यक्ति की शिकायत पर हुआ था। लोकायुक्त के आदेश पर जांच हुई, जिसमें गड़बड़ी सही पाई गई। इसके बाद एफआईआर दर्ज हुई। अब शासन से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।

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