मधुबनी में सोमवार शाम नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन कमिटी (NCORD) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले को अपराध और नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से सूखे नशे (ड्रग्स) के खिलाफ व्यापक और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए निरंतर छापेमारी और निगरानी अभियान चलाने का निर्देश दिया। विशेष रूप से, सीमावर्ती क्षेत्रों के 286 चिन्हित ‘वाइब्रेंट विलेज’ में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। बैठक में विशेष लोक अभियोजक (NDPS), मधुबनी को एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित लंबित 05 मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए न्यायालय से जल्द से जल्द अगली सुनवाई की तिथि प्राप्त कर मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, औषधि निरीक्षकों द्वारा छापेमारी में जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी में एक कक्ष चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, इस कक्ष की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक, मधुबनी से सुरक्षा गार्ड तैनात करने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने एसएसबी की 48वीं बटालियन (जयनगर) और 18वीं बटालियन (राजनगर) को सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन और सख्त छापेमारी अभियान चलाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक रश्मि, एसएसबी कमांडेंट और सभी औषधि निरीक्षक सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने पर बल दिया। मधुबनी में सोमवार शाम नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन कमिटी (NCORD) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले को अपराध और नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से सूखे नशे (ड्रग्स) के खिलाफ व्यापक और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए निरंतर छापेमारी और निगरानी अभियान चलाने का निर्देश दिया। विशेष रूप से, सीमावर्ती क्षेत्रों के 286 चिन्हित ‘वाइब्रेंट विलेज’ में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। बैठक में विशेष लोक अभियोजक (NDPS), मधुबनी को एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित लंबित 05 मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए न्यायालय से जल्द से जल्द अगली सुनवाई की तिथि प्राप्त कर मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, औषधि निरीक्षकों द्वारा छापेमारी में जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी में एक कक्ष चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, इस कक्ष की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक, मधुबनी से सुरक्षा गार्ड तैनात करने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने एसएसबी की 48वीं बटालियन (जयनगर) और 18वीं बटालियन (राजनगर) को सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन और सख्त छापेमारी अभियान चलाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक रश्मि, एसएसबी कमांडेंट और सभी औषधि निरीक्षक सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने पर बल दिया।


