जमुई साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। चकाई थाना क्षेत्र के सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर से जारी किए गए करीब 80 मोबाइल सिम कार्डों का इस्तेमाल कर 13 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि पिछले चार महीनों में इस सीएससी सेंटर से लगभग 100 सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें से 80 मोबाइल नंबर ऐसे पाए गए जिनके खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायतें दर्ज थीं। पीओएस आईडी से जुड़े 2 व्यक्तियों को दबोचा पुलिस जांच में इन 80 नंबरों से जुड़े करीब 125 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पीड़ितों से कुल लगभग 13 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने सिम जारी करने के लिए इस्तेमाल की जा रही पीओएस आईडी से जुड़े दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। जमुई के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर शुभ सीएससी सेंटर पर छापेमारी की। जांच के दौरान पता चला कि सेंटर की पीओएस आईडी का इस्तेमाल सरौन निवासी राजकपूर यादव और अरविंद कुमार कर रहे थे। साइबर थाना में मामला दर्जकर जांच शुरू साइबर डीएसपी ने बताया कि इसी आईडी से बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से कई बाद में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों में सामने आए। जमुई साइबर थाना में कांड संख्या 41/26, दिनांक 21 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए राजकपूर यादव (पिता योगेंद्र यादव) और अरविंद कुमार (पिता हारो यादव) दोनों सरौन गांव के निवासी हैं। उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधियों ने किया और इस ठगी नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। छापेमारी दल में डीएसपी साइबर अभिषेक कुमार, साइबर थाना इंस्पेक्टर अभय कांत चंदा, एसआई प्रेम प्रभात समेत कांस्टेबल रवि भूषण, विवेक कुमार, मो. खुशरुद्दीन और अंजलि कुमारी शामिल थीं। छापेमारी दल में डीएसपी साइबर अभिषेक कुमार, साइबर थाना इंस्पेक्टर अभय कांत चंदा, एसआई प्रेम प्रभात समेत कांस्टेबल रवि भूषण, विवेक कुमार, मो. खुशरुद्दीन और अंजलि कुमारी शामिल थीं। जमुई साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। चकाई थाना क्षेत्र के सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर से जारी किए गए करीब 80 मोबाइल सिम कार्डों का इस्तेमाल कर 13 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि पिछले चार महीनों में इस सीएससी सेंटर से लगभग 100 सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें से 80 मोबाइल नंबर ऐसे पाए गए जिनके खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायतें दर्ज थीं। पीओएस आईडी से जुड़े 2 व्यक्तियों को दबोचा पुलिस जांच में इन 80 नंबरों से जुड़े करीब 125 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पीड़ितों से कुल लगभग 13 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने सिम जारी करने के लिए इस्तेमाल की जा रही पीओएस आईडी से जुड़े दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। जमुई के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर शुभ सीएससी सेंटर पर छापेमारी की। जांच के दौरान पता चला कि सेंटर की पीओएस आईडी का इस्तेमाल सरौन निवासी राजकपूर यादव और अरविंद कुमार कर रहे थे। साइबर थाना में मामला दर्जकर जांच शुरू साइबर डीएसपी ने बताया कि इसी आईडी से बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से कई बाद में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों में सामने आए। जमुई साइबर थाना में कांड संख्या 41/26, दिनांक 21 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए राजकपूर यादव (पिता योगेंद्र यादव) और अरविंद कुमार (पिता हारो यादव) दोनों सरौन गांव के निवासी हैं। उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधियों ने किया और इस ठगी नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। छापेमारी दल में डीएसपी साइबर अभिषेक कुमार, साइबर थाना इंस्पेक्टर अभय कांत चंदा, एसआई प्रेम प्रभात समेत कांस्टेबल रवि भूषण, विवेक कुमार, मो. खुशरुद्दीन और अंजलि कुमारी शामिल थीं। छापेमारी दल में डीएसपी साइबर अभिषेक कुमार, साइबर थाना इंस्पेक्टर अभय कांत चंदा, एसआई प्रेम प्रभात समेत कांस्टेबल रवि भूषण, विवेक कुमार, मो. खुशरुद्दीन और अंजलि कुमारी शामिल थीं।

