कटिहार पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कोढ़ा, बरारी और सेमापुर थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थानों के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने थानों के ओ.डी. (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की जांच की और दैनिक गतिविधियों व पुलिस कार्यों की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, थानों में रखे गए विभिन्न अभिलेखों की समीक्षा कर उनके रखरखाव और अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। इंस्पेक्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश एसपी ने थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण और पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक अभिलेखों को नियमानुसार अद्यतन रखा जाए और शिकायतों व मामलों के निष्पादन में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने संबंधित थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। एसपी ने अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और आम लोगों के बीच पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। गुणवत्ता, अनुशासन और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर प्रभावी पुलिसिंग करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत बनाना और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस औचक निरीक्षण के माध्यम से पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता, अनुशासन और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मी पूरी जिम्मेदारी और तत्परता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। कटिहार पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कोढ़ा, बरारी और सेमापुर थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थानों के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने थानों के ओ.डी. (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की जांच की और दैनिक गतिविधियों व पुलिस कार्यों की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, थानों में रखे गए विभिन्न अभिलेखों की समीक्षा कर उनके रखरखाव और अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। इंस्पेक्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश एसपी ने थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण और पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक अभिलेखों को नियमानुसार अद्यतन रखा जाए और शिकायतों व मामलों के निष्पादन में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने संबंधित थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। एसपी ने अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और आम लोगों के बीच पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। गुणवत्ता, अनुशासन और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर प्रभावी पुलिसिंग करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत बनाना और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस औचक निरीक्षण के माध्यम से पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता, अनुशासन और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मी पूरी जिम्मेदारी और तत्परता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

