शेखपुरा में सोमवार को सीपीआई कार्यकर्ताओं ने बढ़ते अपराध, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि और महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के बैनर तले यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट के समक्ष किया गया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्टेशन रोड स्थित सीपीआई कार्यालय के निकट जमा हुए। यहां से जुलूस पटेल चौक, कटरा चौक और चांदनी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश पर पाबंदी होने के बावजूद, आंदोलनकारी अंदर घुस गए और धरना पर बैठ गए। बाद में, डीडीसी संजय कुमार स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से मांग पत्र लिया। उन्होंने उनकी जायज मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अगस्त के आखिरी सप्ताह में डीएम के समक्ष 48 घंटे का ‘घेरा-डालो, डेरा-डालो’ आंदोलन किया जाएगा। धरना सभा की अध्यक्षता वीरेंद्र पांडेय ने की। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातमी ने कहा कि बिहार में एनडीए 2 की सरकार बनने के बाद से आपराधिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने शेखपुरा में पार्टी के जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय पर हुए जानलेवा हमले और कसार, विषहिया, बरसा जैसे गांवों में महिलाओं और बच्चों की हत्याओं का उदाहरण दिया। फातमी ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं ने ‘सुशासन 2’ की सरकार की पोल खोल दी है। जिससे आम जनता में दहशत और भय का माहौल है। इस आंदोलन में ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन कुमार सिंहा और सीपीआई के जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय सहित कई अन्य नेता भी शामिल थे। शेखपुरा में सोमवार को सीपीआई कार्यकर्ताओं ने बढ़ते अपराध, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि और महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के बैनर तले यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट के समक्ष किया गया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्टेशन रोड स्थित सीपीआई कार्यालय के निकट जमा हुए। यहां से जुलूस पटेल चौक, कटरा चौक और चांदनी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश पर पाबंदी होने के बावजूद, आंदोलनकारी अंदर घुस गए और धरना पर बैठ गए। बाद में, डीडीसी संजय कुमार स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से मांग पत्र लिया। उन्होंने उनकी जायज मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अगस्त के आखिरी सप्ताह में डीएम के समक्ष 48 घंटे का ‘घेरा-डालो, डेरा-डालो’ आंदोलन किया जाएगा। धरना सभा की अध्यक्षता वीरेंद्र पांडेय ने की। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातमी ने कहा कि बिहार में एनडीए 2 की सरकार बनने के बाद से आपराधिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने शेखपुरा में पार्टी के जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय पर हुए जानलेवा हमले और कसार, विषहिया, बरसा जैसे गांवों में महिलाओं और बच्चों की हत्याओं का उदाहरण दिया। फातमी ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं ने ‘सुशासन 2’ की सरकार की पोल खोल दी है। जिससे आम जनता में दहशत और भय का माहौल है। इस आंदोलन में ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन कुमार सिंहा और सीपीआई के जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय सहित कई अन्य नेता भी शामिल थे।


