CPIM Reaction West Bengal Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों पर CPIM की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपनी हार और भाजपा की जीत के पीछे सत्ता-विरोधी लहर और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग को मुख्य कारण बताया है।
Brinda Karat Statement Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों पर सीपीआई(एम) नेता ब्रिंदा कारात ने कहा कि उनकी पार्टी चुनावी नतीजों की गहन समीक्षा करेगी। उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ जनता में मजबूत एंटी-इनकंबेंसी की भावना स्वीकार की, लेकिन साथ ही भाजपा और आरएसएस पर केंद्रीय एजेंसियों तथा चुनाव आयोग के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों की थी गहरी नाराजगी
सीपीआईएम की वरिष्ठ नेत्री ब्रिंदा कारात ने कहा कि बंगाल की जनता में ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ गहरी नाराजगी थी। इसे कोई नहीं नकार सकता। यह एंटी-इनकंबेंसी वोट में साफ दिखी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने केंद्र सरकार, केंद्रीय एजेंसियों और खासतौर पर चुनाव आयोग का पूरा दुरुपयोग किया।
27 लाख वोटरों के नाम काटे गए
उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले 27 लाख मतदाताओं के पास दस्तावेज थे, लेकिन वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। यह भाजपा द्वारा दुरुपयोग पर आधारित फायदा था। सीपीआई(एम) नेता ने कहा कि पार्टी इन सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करेगी ताकि भविष्य की रणनीति तय की जा सके। उन्होंने टीएमसी शासन में भ्रष्टाचार, सत्तावाद और जन-समस्याओं को भी रेखांकित किया, जिसके चलते जनता में व्यापक असंतोष फैला।
बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत
2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने भारी 206 बहुमत हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि टीएमसी 78 सीटों पर गिरावट के साथ दूसरी स्थिति में रही। ब्रिंदा कारात के बयान ने विपक्षी दलों के बीच भाजपा की जीत पर सवाल उठाने की कड़ी में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
चुनावी नजीतों के बाद पुलिस का एक्शन
चुनाव के बाद हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। कोलकाता में अलग-अलग इलाकों से अब तक करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि ये सभी लोग माहौल बिगाड़ने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर रहे थे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने स्पष्ट कहा है कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस या भीड़ इकट्ठा करना पूरी तरह गैरकानूनी होगा।


