चुनावी जीत के जश्न के बीच थलापति विजय की बहन की मौत की इमोशनल कहानी फिर वायरल

चुनावी जीत के जश्न के बीच थलापति विजय की बहन की मौत की इमोशनल कहानी फिर वायरल

Thalapathy Vijay sister tragic death: थलापति विजय अब केवल तमिल सिनेमा के सुपरस्टार नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के नए सितारे भी बन गए हैं। उनकी पार्टी TVK ने 108 सीटों पर जीत हासिल की और वो सीएम पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे एक ऐसी शख्सियत छुपी है जिसकी जिंदगी में बचपन से ही एक गहरा दर्द रहा है और वो दर्द है उनकी छोटी बहन की मौत का।

पहले विजय काफी चंचल और बातूनी स्वभाव के थे

22 जून 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनके पिता एसए चंद्रशेखर जाने-माने फिल्मकार हैं और मां शोभा चंद्रशेखर प्लेबैक सिंगर। 1977 में उनके घर एक नन्ही बच्ची का जन्म हुआ जिसका नाम रखा गया विद्या। दरअसल, विजय अपनी इस छोटी बहन से बेहद प्यार करते थे। स्कूल से लौटने के बाद वो ज्यादातर वक्त उसी के साथ खेलते थे, लेकिन 1984 में सिर्फ 7 साल की उम्र में विद्या एक बीमारी की वजह से चल बसीं। उस दर्दनाक मोमेंट की एक और तकलीफदेह बात ये है कि विद्या ने अपने भाई विजय की ही गोद में अंतिम सांसें लीं। उस समय विजय के पिता फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे।

इतना ही नहीं, परिवार वालों के मुताबिक बहन के जाने से पहले विजय काफी चंचल और बातूनी स्वभाव के थे, लेकिन इस दुखद घटना ने उन्हें शांत और अंतर्मुखी बना दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद कहा था कि बहन के जाने के बाद जो खालीपन उनकी जिंदगी में आया, वो सालों बाद फैंस के प्यार से भरा और उस प्यार में उन्हें अक्सर अपनी बहन की झलक दिखती है। इसके साथ ही, विजय ने 2005 में पैदा हुई अपनी बेटी का नाम ‘दिव्या’ रखा। उनका कहना है कि ये नाम उन्हें बहन ‘विद्या’ की याद दिलाता है। विजय अपनी निजी गाड़ियों के लिए खास नंबर ‘0277’ यूज करते हैं जो उनकी बहन की जन्म तारीख 14 फरवरी 1977 के महीने और साल से जुड़ा है।

फिल्मों से होते हुए आज राजनीतिक कामयाबी तक पहुंचा

बता दें, 1984 में बाल कलाकार के रूप में शुरू हुआ फिल्मी सफर 69 फिल्मों से होते हुए आज राजनीतिक कामयाबी तक पहुंचा है। उनकी नेट वर्थ 624 करोड़ रुपये है। इस बीच, पिता एसए चंद्रशेखर के साथ कानूनी विवाद, संगीता सोरनालिंगम से तलाक की खबरें और तृषा कृष्णन से जुड़ी अटकलें, विजय की जिंदगी कभी सीधी राह पर नहीं रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *