CPI की पदयात्रा जारी, केंद्र की नीतियों का विरोध:शेखपुरा में पांचवें दिन गांवों में जनसंपर्क, पानी संकट से लोग परेशान

CPI की पदयात्रा जारी, केंद्र की नीतियों का विरोध:शेखपुरा में पांचवें दिन गांवों में जनसंपर्क, पानी संकट से लोग परेशान

शेखपुरा में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा जारी है। पदयात्रा के पांचवें दिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने दरवेशपुर, धनौल, जखौर, देवपुरी, सहनौरा और भोजडीह सहित कई गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान में सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय, उपसरपंच रामदास और उर्मिला देवी सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। PHED पर उदासीनता का आरोप लगाया जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने बताया कि इन गांवों में पीने के पानी का गंभीर संकट है। उन्होंने जनसंपर्क के दौरान पाया कि ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) पर उदासीनता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के प्रयासों के बावजूद विभाग का मनमाना रवैया जारी है, जिससे लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी प्रभात कुमार पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं, तो आने वाले दिनों में जिले में पीने के पानी के कारण आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जनगोलबंदी कर आंदोलन को और तेज करेगी। शेखपुरा में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा जारी है। पदयात्रा के पांचवें दिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने दरवेशपुर, धनौल, जखौर, देवपुरी, सहनौरा और भोजडीह सहित कई गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान में सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय, उपसरपंच रामदास और उर्मिला देवी सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। PHED पर उदासीनता का आरोप लगाया जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने बताया कि इन गांवों में पीने के पानी का गंभीर संकट है। उन्होंने जनसंपर्क के दौरान पाया कि ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) पर उदासीनता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के प्रयासों के बावजूद विभाग का मनमाना रवैया जारी है, जिससे लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी प्रभात कुमार पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं, तो आने वाले दिनों में जिले में पीने के पानी के कारण आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जनगोलबंदी कर आंदोलन को और तेज करेगी।  

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