COVID-19 से मौत पर RT-PCR रिपोर्ट न होना 50 लाख की राहत राशि रोकने का आधार नहीं: Allahabad High Court

COVID-19 से मौत पर RT-PCR रिपोर्ट न होना 50 लाख की राहत राशि रोकने का आधार नहीं: Allahabad High Court

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि केवल आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि वाली रिपोर्ट नहीं होने के आधार पर कोविड-19 से जुड़ी सरकारी योजना के तहत 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में एंटीजन जांच में संक्रमण की पुष्टि दर्ज थी और अधिकारियों ने भी स्वीकार किया था कि मृतक कोरोना संक्रमित था तथा उसकी मृत्यु संक्रमण के कारण हुई थी। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने अर्चना सिंह की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि जब सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में संक्रमण की पुष्टि दर्ज हो और संबंधित अधिकारी संक्रमण तथा मृत्यु के कारण को स्वीकार कर चुके हों, तो जांच रिपोर्ट की अलग प्रति उपलब्ध नहीं होने को कोविड संक्रमण के प्रमाण का अभाव नहीं माना जा सकता।

याचिकाकर्ता के पति उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की ओबरा ताप विद्युत परियोजना में कनिष्ठ अभियंता थे। वह कोरोना महामारी के दौरान लगातार ड्यूटी पर रहे। संक्रमण होने के बाद उन्हें 28 अप्रैल, 2021 को सोनभद्र के लोधी स्थित सुपर स्पेशियलिटी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पांच मई, 2021 को उनकी मौत हो गई।

मुख्य महाप्रबंधक की सिफारिश और मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने जून 2021 में दावे को मंजूरी दी थी। बाद में प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी सही पाया गया था। हालांकि, 16 नवंबर, 2021 को आरटी-पीसीआर रिपोर्ट नहीं होने के आधार पर अनुग्रह राशि के दावे को खारिज कर दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *