झाबुआ जिले के पेटलावद थाना क्षेत्र में बामनिया रेलवे स्टेशन के पास 24 मई को एक युवक का शव पड़ा मिला था। जांच के बाद शनिवार को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। दरअसल, हत्या के आरोप में पुलिस ने मृतक की प्रेमिका के दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रेम प्रसंग से नाराज होकर युवक की हत्या की थी और शव को रेल दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया था। युवक के शरीर पर चोट के मिले थे निशान घटनास्थल के निरीक्षण और शव पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान पिपलीपाड़ा निवासी सुकराम पिता नाहरसिंह निनामा (20) के रूप में की। युवती के चचेरे भाई रिश्ते से नाखुश थे जांच में सामने आया कि सुकराम का ग्राम सातेर निवासी एक युवती से प्रेम संबंध था। युवती के चचेरे भाई देवीलाल सिंगाड और कालू सिंगाड इस रिश्ते से नाखुश थे। उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सुकराम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। गमछे से हाथ पेड़ में बांधे, लाठियों-पत्थर से पीटकर की हत्या योजना के तहत, आरोपियों ने सुकराम को बामनिया रेलवे स्टेशन पर सोते हुए पकड़ा और जबरन जंगल में ले गए। वहां उन्होंने गमछे से उसके हाथ पेड़ से बांध दिए और लाठियों व पत्थरों से पीटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को बाइक पर रखकर रेलवे स्टेशन के पास फेंक दिया, ताकि इसे रेल दुर्घटना दिखाया जा सके। हालांकि, पुलिस की गहन जांच और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की योजना विफल हो गई। दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा पुलिस ने 29 मई को मुख्य आरोपी देवीलाल और कालू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस मामले को सुलझाने में पेटलावद थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया, चौकी प्रभारी हीरालाल मालीवाड और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


