डीडवाना नगर परिषद सभागार में शनिवार को राज्य सरकार के ‘मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान’ के तहत एक वार्ड सभा का आयोजन किया गया। नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न वार्डों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन ने भाग लिया। आयुक्त भगवान सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित राजस्थान-2047’ के विजन को साकार करना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक वार्ड की आवश्यकताओं, समस्याओं और उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर योजनाबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्य किए जा सकें। आयुक्त को सौंपे विकास कार्यों के प्रस्ताव
सभा के दौरान पार्षदों और वार्ड प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं को प्रस्तुत किया और विकास कार्यों के प्रस्ताव आयुक्त को सौंपे। इन प्रस्तावों में कचरा प्रबंधन, जल निकासी, सड़कों का निर्माण और शहर का सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दे मुख्य रूप से शामिल थे। बैठक में तकनीकी टीम से अधिशाषी अभियंता दलीप सिंह निरबाण, कनिष्ठ अभियंता पन्ना राम गुर्जर और दिलीप कुमार प्रजापत ने विकास कार्यों के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। प्रशासनिक टीम में सहायक राजस्व निरीक्षक पवन कुमार शर्मा, वरिष्ठ सहायक महेश कुमार चायल, दीपचंद गांछा, तपेन्द्र कुमार, पीएमएवाई के प्रेम फुलफगर और एसबीएम के श्रीकांत जोशी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
इसके अलावा पूर्व उपाध्यक्ष बाबू खां बेगाना, पूर्व पार्षद रघुनाथ दास मोठ, उम्मेद खां पठान, नासिर मॉडर्न, इदरिस खां, पवन कुमार टाक, गजानंद मोठ और आदिल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्ध नागरिकों ने भी वार्डों के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। आयुक्त ने आश्वासन दिया कि प्राप्त सभी प्रस्तावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा और उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर के संतुलित और समग्र विकास को गति प्रदान करना है।


