गोरखपुर में ठेकेदार की मुंह में गोली लगने से मौत:14 साल पहले शादी हुई, रोती मां से मासूम बेटा बोला- मत रो मां, मैं संभालूंगा परिवार

गोरखपुर में ठेकेदार की मुंह में गोली लगने से मौत:14 साल पहले शादी हुई, रोती मां से मासूम बेटा बोला- मत रो मां, मैं संभालूंगा परिवार

मत रो मां, मैं संभालूंगा पूरा परिवार, पापा से बहुत कुछ सीखा है…रोती मां का हाथ पकड़कर जब मासूम बेटे ईशान ने यह बात बोली तो, यह सुनकर हर कोई रो पड़ा। मासूम को पकड़कर उसके दादा लिपट गए। अम्बरीश की दीपाली से साल 2012 जून में शादी हुई थी। जबकि 11 जून को अम्बरीश का जन्मदिन भी पड़ता था। पत्नी ने बताया कि जन्मदिन और शादी की सालगिरह साथ में सेलिब्रेट करते थे। गोरखपुर के पार्क रोड पर रहने वाले अम्बरीश श्रीवास्तव (40) की अचानक हुई मौत से पूरे परिवार और इलाके में गहरा शोक व्याप्त है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव करीब शाम चार बजे उनके आवास पर पहुंचा, तो वहां मौजूद परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। घर का माहौल बेहद गमगीन हो गया। जैसे ही परिजनों ने अम्बरीश का शव देखा, उनके बुजुर्ग पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वे अपने बेटे की लाश देखकर फफक पड़े। वहीं, छोटे भाई नितिन और दोनों बेटे अपने पिता के शव से लिपटकर रोने लगे। परिवार के इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अम्बरीश का छोटा बेटा वीर अपने चाचा नितिन से लिपटकर सिसकता रहा। भतीजे को इस तरह बिलखते देख नितिन भी खुद को संभाल नहीं पाए और उसे सीने से लगाकर रोने लगे। आसपास खड़ी महिलाएं और रिश्तेदार बच्चों का दर्द देखकर भावुक हो उठे और माहौल और भी मार्मिक हो गया। पत्नी बोलीं- बच्चों का क्या होगा… जब शव को अंतिम संस्कार के लिए राजघाट ले जाया जा रहा था, उस समय अंतिम दर्शन के दौरान एक और बेहद भावुक क्षण सामने आया। अम्बरीश की पत्नी दीपाली, अपनी ननद पारूल श्रीवास्तव (जो अहमदाबाद से आई थीं) से लिपटकर रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं कि अब उनका और बच्चों का क्या होगा। इसी बीच उनका बड़ा बेटा ईशान अपनी मां का हाथ पकड़कर बोला, “मां रोओ मत, मैं हूं ना। मैं पूरे परिवार को संभालूंगा।” आंखों में आंसू लिए बेटे के इन शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया। वहीं छोटा बेटा अपने चाचा से लिपटकर बार-बार पूछता रहा, “पापा को क्या हुआ? उन्हें उठाइए न चाचा।” यह सुनकर वहां मौजूद लोगों का दिल दहल उठा। अम्बरीश की मौत की सूचना के बाद पार्क रोड स्थित आवास पर सुबह से ही लोगों का भीड़ लगना शुरू हो गया। शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी, जनप्रतिनिधि, छात्रनेता और परिचितों के साथ सैकड़ों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचने लगे। पोस्टमार्टम के दौरान एम्स परिसर में भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दोपहर बाद करीब चार बजे जैसे ही उनका शव आवास पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद लोगों की भीड़ और बढ़ गई। अम्बरीश की शहर में एक अलग पहचान थी। सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर बड़े आयोजनों तक उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी, यही वजह रही कि उनके निधन की खबर सुनते ही हर वर्ग के लोग उनके घर पहुंच गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और व्यवस्था बनी रहे। अचानक आई गोली की आवाज पुलिस की पूछताछ में पता चला कि शुक्रवार सुबह कुसम्ही स्थित फार्महाउस पर अम्बरीश श्रीवास्तव फोन पर बात करते हुए मकान की तीसरी मंजिल पर पहुंचे थे। कर्मचारियों के अनुसार, वह किसी से लगातार बातचीत कर रहे थे और उसी दौरान ऊपर चले गए। बताया जा रहा है कि यह उनकी आखिरी बातचीत थी, जो संभवतः परिवार के किसी सदस्य से हुई थी। इसके कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज आई। मौके पर पहुंचने पर उनकी मौत हो चुकी थी। डेढ़ साल पहले लिया था पिस्टल का लाइसेंस अम्बरीश श्रीवास्तव को करीब डेढ़ वर्ष पहले ही पिस्टल का लाइसेंस मिला था। बताया जा रहा है कि वह अक्सर अपनी लाइसेंसी पिस्टल अपने साथ रखते थे। शुक्रवार को कुसम्ही स्थित फार्महाउस पर भी पिस्टल उनके पास मौजूद थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी पिस्टल से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। फार्महाउस पहुंचने पर कुछ परेशान दिखे थे अम्बरीश शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे कुसम्ही स्थित अपने फार्महाउस पहुंचे थे। वह अकेले ही वहां गए थे। फार्महाउस पर मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, उस समय वह कुछ डिस्टर्ब और चिंतित नजर आ रहे थे। उन्होंने पहुंचते ही वहां गायों को देखा और कुछ देर कर्मचारियों से बातचीत की। इसके बाद वह धीरे-धीरे मकान की छत की ओर चले गए, जहां बाद में गोली चलने की घटना सामने आई। अब विस्तार जानिए पूरा मामला गोरखपुर में शुक्रवार की सुबह अरबपति कारोबारी और हाईप्रोफाइल गोरखपुर क्लब के संचालक अतुल श्रीवास्तव के बेटे अम्बरीश (40) की गोली लगने से मौत हो गई। उनकी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चली, जो अम्बरीश के मुंह में लग गई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हालांकि, गोली कैसे चली, यह पता नहीं चल पाया है। अम्बरीश अपनी फॉर्च्यूनर से शुक्रवार सुबह 8 बजे अकेले फार्महाउस पहुंचे। वहां मोबाइल पर किसी से बात करते हुए ऊपरी मंजिल पर गए। साढ़े 8 से 9 बजे के बीच में उनकी गोली लगने से मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर फार्महाउस के कर्मचारी भागकर पहुंचे। वहां उनका खून से लथपथ शव पड़ा था। परिवारवालों का कहना है कि अम्बरीश अपनी पिस्टल साफ कर रहे थे। तभी गलती से गोली चल गई। देर शाम राप्ती नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया- 24 अप्रैल की सुबह 9.30 बजे अम्बरीश के छोटे भाई नितिन श्रीवास्तव ने फोन कर मौत की सूचना दी। बताया कि सुबह अम्बरीश फार्महाउस गए थे, तभी हादसा हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी में अम्बरीश अपनी फॉर्च्यूनर से आते और छत पर जाते दिखे। अम्बरीश के पिता अतुल श्रीवास्तव शहर के बड़े कारोबारी हैं। उनका ‘एके’ के नाम से टेंट हाउस का कारोबार है। वह कायस्थों की श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अम्बरीश भी हाल ही में श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा के महामंत्री चुने गए थे। घटना से जुड़ी 5 तस्वीरें… घर से 10 किमी दूर है फार्महाउस
अम्बरीश का घर पॉश इलाके सिविल लाइंस के पार्क रोड पर है। घर से 10km दूर कुसमी जंगल में उनका तीन मंजिला फार्महाउस है। इसकी तीसरी मंजिल पर 3-4 कमरे हैं। आगे खाली हिस्से में छत है। गोदाम में टेंट और कुर्सी-मेज रखे जाते हैं। अम्बरीश दो भाई में बड़े थे। छोटा भाई नितिन उर्फ रानू भी बिजनेसमैन है। अमरीश गुरुवार रात खाना-खाने के बाद अपने सिविल लाइंस के घर में ही सो गए थे। शुक्रवार सुबह उठे और फार्महाउस जाने के लिए ड्राइवर को बुलाया था, लेकिन ड्राइवर नहीं आया। वह घर में ही एक घंटे तक टहलते रहे। फिर खुद ही फॉर्च्यूनर लेकर निकल गए। वहां पहुंचकर किसी को फोन किया। बात करते-करते तीसरी मंजिल पर चले गए। करीब साढ़े 8 से 9 बजे के बीच गोली चलने की आवाज सुनकर कर्मचारी भागकर पहुंचे। वहां देखा तो अम्बरीश खून से लथपथ पड़े थे। गोली मुंह से बाहर निकली हुई थी। घटना के दौरान करीब 4 कर्मचारी वहां थे। 2012 में हुई थी शादी, दो बेटे हैं अम्बरीश की 2012 में दीपाली श्रीवास्ताव से शादी हुई थी। उनके दो बेटे हैं- एक की उम्र 10 साल और दूसरे की 8 साल है। अम्बरीश टेंट हाउस बिजनेस के साथ ही ठेकेदारी भी करते थे। दिग्गज नेताओं और VVIP लोगों के कार्यक्रम में इनके टेंट ही लगते हैं। अम्बरीश का गोरखपुर के तारामंडल रोड पर FIVE SENSES नाम से होटल भी है। इसमें बैंक्वेट और रेस्टोरेंट भी है। पोस्टमॉर्टम हाउस पर नेताओं का जमावड़ा रहा पुलिस ने अम्बरीश के शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा। वहां भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला भी पहुंच गए। पोस्टमॉर्टम होने तक सभी वहीं मौजूद रहे। इसके बाद अम्बरीश के शव के साथ उनके घर आ गए। पिता का शव देखकर रो पड़े दोनों बेटे पोस्टमॉर्टम के बाद शव को घर लाया गया। सैकड़ों लोगों ने अंतिम दर्शन किए। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ भी मौजूद रहे। अम्बरीश के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता का शव देखकर दोनों बेटे भी रोने लगे। परिवारवालों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से चुप कराया। देर शाम शव का अंतिम संस्कार राप्ती नदी के किनारे राजघाट पर हुआ। छोटे भाई नितिन ने अम्बरीश की चिता को मुखाग्नि दी। BJP प्रदेश अध्यक्ष ने दुख जताया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कारोबारी के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि मैं गोरखपुर के व्यवसायी अम्बरीश श्रीवास्तव के निधन से आहत हूं। शोक की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

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