शाजापुर जिले में NHM संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज आंदोलनकारी कर्मचारियों ने इस बार अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए अपने खून से पत्र लिखकर एनएचएम प्रशासन, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजा है। सीएम की सहमति के बाद भी 1 साल से अधूरी हैं मांगें संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भूपेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि पूरे प्रदेश में करीब 32 हजार संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सीएम की उपस्थिति में पूर्व में मांगों को लेकर सहमति बन चुकी थी, लेकिन एक वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी नियमितीकरण सहित अन्य वादों को पूरा नहीं किया गया है। नियमितीकरण और एनपीएस समेत प्रमुख मांगें आंदोलनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, एनपीएस व स्वास्थ्य बीमा का लाभ देना, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, समान कार्य-समान वेतन लागू करना, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा और वेतन विसंगति का तुरंत निराकरण करना शामिल है। अब तक ऐसा रहा आंदोलन 25 से 27 मई: काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया। 28 से 29 मई: प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन सौंपे गए। 30 मई से 1 जून: स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मांगों से अवगत कराया गया। 2 जून से अब तक: ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार जारी है। 11 जून: भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना प्रस्तावित है। सीएम हेल्पलाइन और वैक्सीनेशन का काम प्रभावित जिले में हड़ताल पर अड़े 294 कर्मचारियों के कारण स्वास्थ्य विभाग का ढांचा चरमरा गया है। इसके चलते सरकारी अस्पतालों में सीएम हेल्पलाइन के निराकरण, नियमित वैक्सीनेशन (टीकाकरण), जन्म प्रमाण पत्र जारी करने और ग्रामीण अंचलों की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 20 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।


