उदयपुर में धर्म परिवर्तन का मामला अब राजनीतिक रूप ले रहा है। मंगलवार को जिला देहात कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और पूर्व सांसद रघुवीर मीणा के नेतृत्व में एक दल ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानुवाड़ा पहुंचा। अध्यक्ष मीणा ने बताया कि हमने पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उनसे वास्तविक स्थिति जानी। ग्रामीणों ने हमें बताया कि हमने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। न ही हमें प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने पर दबाव बनाया गया। पूर्व सांसद ने इसे आरएसएस का एजेंडा बताते हुए कहा कि ये आरएसएस वालों की दादागिरी है। आरएसएस अपना एजेंडा चलाकर इस तरह भय पैदा कर रहा है और तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। ये लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। हम इस बारे में एसपी से बात करेंगे और सत्यता की तककीकात कराएंगे। बीजेपी सांसद ने इसे अंतरराज्यीय षड्यंत्र बताया था
दो दिन पूर्व उदयपुर बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत भी मौके पर पहुंचे थे और ग्रामीणों से बात कर पूरी स्थिति जानी थी। रावत ने इसे अंतरराज्यीय षड्यंत्र बताते हुए कहा था कि गांव में काफी संख्या में परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश हो रही थी। करीब एक तिहाई लोग इसके प्रभाव में आए हैं। सांसद ने इसे एक सुनियोजित प्लान बताते हुए कहा था कि ये जनजाति समाज का शांतिपूर्ण रहने का जो स्वभाव है, उसे तोड़ने की साजिश है। ये था पूरा मामला
बता दें, कानूवाड़ा बिलखाई गांव में 4 दिन पहले गांव के बाबूलाल के नेतृत्व में प्रार्थना सभा चल रही थी। आसपास के 20 से ज्यादा गांवों के लोगों को बुलाया गया था। ग्रामीण नानालाल की सूचना पर पुलिस पहुंची तो वहां 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इन लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायतकर्ता नानालाल ने पुलिस को बताया था कि गरीब आदिवासियों को टारगेट कर कई दिनों से धर्म परिवर्तन का माहौल बनाया जा रहा है। मुझे भी सभा में बुलाया गया था। मुझे पूरे परिवार समेत धर्म बदलने का लालच दिया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 पादरी सहित 11 जनों को गिरफ्तार किया था। जिन्हें जेल भेज दिया।


