मऊ में कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेताओं ने अमित शाह का पुतला फूंका था जिसको लेकर कांग्रेस नेताओं पर थाना सरायलखंसी में मुकदमा दर्ज किया गया जिसके के विरोध में आज प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 29 मई को आदिवासी कांग्रेस मऊ द्वारा किए गए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की। आदिवासी कांग्रेस मऊ के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हुए इस धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद 29 मई को थाना सरायलखंसी में एफआईआर संख्या 187, 189(2) और 287 के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। कांग्रेस नेता हंसनाथ तिवारी ने कहा कि पार्टी नेताओं पर दर्ज मुकदमे पूरी तरह फर्जी हैं और कांग्रेसजन इन्हें वापस लेने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने आए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 29 मई को मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था, जिससे वे अपनी बात प्रशासन तक नहीं पहुंचा सके। तिवारी ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया। इसके बाद कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े स्तर पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे।


