मैहर की कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने शनिवार शाम करीब 7 बजे सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा में चूक, खाने की खराब क्वालिटी और बंद पड़े ऑपरेशन थिएटर को लेकर कलेक्टर ने जमकर फटकार लगाई। अस्पताल की रसोई की जांच करते समय कलेक्टर तब भड़क गईं, जब उन्हें पता चला कि मरीजों को खुद के बर्तन लाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यह जिम्मेदारी ठेकेदार की है और अगर वह काम नहीं कर पा रहा, तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाए। उन्होंने खाने की क्वालिटी और सफाई को लेकर भी भारी नाराजगी जाहिर की। 5 दिन में चालू होगा ऑपरेशन थिएटर निरीक्षण में सामने आया कि पिछले एक महीने से ऑपरेशन थिएटर (OT) बंद होने के कारण सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो पा रही है और मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन को कड़े निर्देश दिए कि अगले 5-6 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इसे चालू किया जाए, ताकि गरीब मरीजों को भटकना न पड़े। परिवार नियोजन में काम होने पर जताई नाराजगी प्रसूति वार्ड में जब कलेक्टर को पता चला कि एक महिला ने अपनी पांचवीं संतान को जन्म दिया है, तो उन्होंने इसे जमीनी अमले (ANM, आशा और CHO) की बड़ी नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भी अगर लोग लड़के की चाहत में इतने बच्चे पैदा कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि परिवार नियोजन को लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने रूढ़िवादी सोच को बदलने पर जोर दिया। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्राथमिकता कलेक्टर ने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि आज मध्य प्रदेश में 31% कलेक्टर और कई SDM महिलाएं हैं, इसलिए बेटियों को बोझ समझना गलत है। उन्होंने कहा कि मैहर नया जिला है, इसलिए चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन एनीमिया और कुपोषण को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता है। जल्द ही विशेषज्ञों की कमी को दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।


