Strict Action Warning On Negligence Officer: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सीएम निवास पर आयोजित जनसुनवाई में प्रदेशभर से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। शिक्षा, पेयजल, सामाजिक न्याय, राजस्व और नगरीय विकास से जुड़े मामलों पर सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए। नागौर के विशेष योग्यजन को इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल और करौली के छात्र को उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति दिलाने के आदेश भी दिए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि आमजन को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें और परिवेदनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई हो।
जनसुनवाई में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विशेष योग्यजनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा लाए गए पोस्टरों का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई सरकार और आमजन के बीच विश्वास तथा संवाद का मजबूत माध्यम बन रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो।
शिक्षामंत्री के गढ़ में गरजा शिक्षक संघ, अवकाश कटौती वापस लेने की मांग
शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में विद्यालयी अवकाशों में कटौती के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर से शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में रैली निकाली। बाद में अदालत परिसर पहुंचे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम उप जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विद्यालय भवनों की सार्वजनिक निर्माण विभाग से जांच कराने, सातवें वेतनमान में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने व शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए स्थायी एवं पारदर्शी नीति लागू करने की मांग भी की गई। साथ ही शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना बहाली और लंबित भत्तों के भुगतान की मांग भी उठाई।
रैली के दौरान शिक्षकों ने करीब चार से पांच किलोमीटर का फ़ासला दो से ढाई घंटे में तय किया। प्रदर्शन के बाद रैली सभा में तब्दील हो गई। सभा को संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, सभाध्यक्ष ललित आर. पाटीदार, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा समेत अन्य शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। शिक्षकों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए आंदोलन को आगे और तेज करने की चेतावनी भी दी।


