CM सम्राट चौधरी चकाई में एथेनॉल प्लांट का करेंगे निरीक्षण:500 एकड़ औद्योगिक भूमि का करेंगे एरियल सर्वे, 5 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

CM सम्राट चौधरी चकाई में एथेनॉल प्लांट का करेंगे निरीक्षण:500 एकड़ औद्योगिक भूमि का करेंगे एरियल सर्वे, 5 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

जमुई का चकाई इलाका कभी नक्सली गतिविधियों के लिए पहचाना जाना था, आज वो औद्योगिक नक्शे पर एक नई पहचान गढ़ने को तैयार है। इसी संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को चकाई का दौरा करेंगे। उनके इस दौरे को जिले के औद्योगिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। जिससे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी। हवाई सर्वेक्षण से तय होगा रोडमैप इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हवाई सर्वेक्षण होगा। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से ही उस 500 एकड़ चिह्नित भूमि का जायजा लेंगे, जिसे भविष्य के औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीन की उपलब्धता, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, और विस्तार की संभावनाओं का सटीक आकलन करना है। इसी आकलन के आधार पर जमुई में नए उद्योगों की स्थापना का पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा।
8 हजार करोड़ का एथेनॉल प्लांट उरवा गांव में लगभग 107 एकड़ भूमि पर अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड का एथेनॉल प्लांट निर्माणाधीन है। कंपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 8,000 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश कर रही है। प्लांट का 80% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि फरवरी 2027 तक यहां उत्पादन शुरू हो जाएगा। यह एक अनाज-आधारित प्लांट होगा, जहां मक्का और चावल से प्रतिदिन 7.5 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए रोजाना करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की जरूरत होगी। 5 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद कंपनी के मुताबिक प्लांट के शुरू होने के बाद करीब 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को भी इससे बड़ी उम्मीदें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग शुरू होने से रोजगार के लिए दूसरे शहरों और राज्यों में जाने की मजबूरी कम हो सकती है। प्लांट के लिए बड़ी मात्रा में मक्का और चावल की जरूरत होगी। ऐसे में आसपास के किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर बड़ा बाजार तैयार होने की संभावना है। नियमित रूप से अनाज की खरीद होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम हो सकती है। प्रशासन अलर्ट, तैयारियां युद्धस्तर पर मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी (DM) नवीन और पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल स्वयं चकाई में कैंप कर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए युद्धस्तर पर दो हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो। जमुई का चकाई इलाका कभी नक्सली गतिविधियों के लिए पहचाना जाना था, आज वो औद्योगिक नक्शे पर एक नई पहचान गढ़ने को तैयार है। इसी संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को चकाई का दौरा करेंगे। उनके इस दौरे को जिले के औद्योगिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। जिससे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी। हवाई सर्वेक्षण से तय होगा रोडमैप इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हवाई सर्वेक्षण होगा। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से ही उस 500 एकड़ चिह्नित भूमि का जायजा लेंगे, जिसे भविष्य के औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीन की उपलब्धता, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, और विस्तार की संभावनाओं का सटीक आकलन करना है। इसी आकलन के आधार पर जमुई में नए उद्योगों की स्थापना का पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा।
8 हजार करोड़ का एथेनॉल प्लांट उरवा गांव में लगभग 107 एकड़ भूमि पर अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड का एथेनॉल प्लांट निर्माणाधीन है। कंपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 8,000 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश कर रही है। प्लांट का 80% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि फरवरी 2027 तक यहां उत्पादन शुरू हो जाएगा। यह एक अनाज-आधारित प्लांट होगा, जहां मक्का और चावल से प्रतिदिन 7.5 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए रोजाना करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की जरूरत होगी। 5 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद कंपनी के मुताबिक प्लांट के शुरू होने के बाद करीब 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को भी इससे बड़ी उम्मीदें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग शुरू होने से रोजगार के लिए दूसरे शहरों और राज्यों में जाने की मजबूरी कम हो सकती है। प्लांट के लिए बड़ी मात्रा में मक्का और चावल की जरूरत होगी। ऐसे में आसपास के किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर बड़ा बाजार तैयार होने की संभावना है। नियमित रूप से अनाज की खरीद होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम हो सकती है। प्रशासन अलर्ट, तैयारियां युद्धस्तर पर मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी (DM) नवीन और पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल स्वयं चकाई में कैंप कर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए युद्धस्तर पर दो हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।  

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