मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने वाला हाथरस का 16 साल का लड़का तीन महीने से लापता है। शुक्रवार को उसके मां-बाप और परिवार के अन्य लोग वृंदावन पहुंचे। दावा किया कि बेटे ने 3 महीने पहले केलीकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद से ही वह घर नहीं लौटा। हाथरस के बारामई खेड़ा गांव के रहने वाले राजवीर सिंह ने अपनी पत्नी, मां, भाई और चार बेटियों के साथ शुक्रवार को सुबह 11 बजे से आश्रम के बाहर धरना दिया। राजवीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा अनुज चौधरी आश्रम में दीक्षा लेने आया था। उसके बाद घर नहीं लौटा है। आश्रम के लोग न मिलने दे रहे हैं, न ही उससे जुड़ी कोई जानकारी दे रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि अनुज ने 26 जून को आश्रम में दीक्षा ली, लेकिन उसके बाद यहां रहने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। करीब 7 घंटे तक धरना पर बैठने के बाद पुलिस से मिले आश्वासन पर अनुज का परिवार वापस चला गया। आश्रम के बाहर की 4 तस्वीरें देखिए… पिता बोले- मुझे मेरा बेटा वापस दे दो। हम यहां से चले जाएंगे। पिता राजवीर सिंह ने बताया कि अनुज का वृंदावन के पास पानीगांव में ननिहाल है। इसी दौरान वह संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए केली कुंज आश्रम जाने लगा। कुछ समय बाद उसने दीक्षा लेने का मन बनाया और करीब तीन महीने पहले मां को मनाकर प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ले ली। दीक्षा लेने के बाद वह पांच दिन तक घर पर रहा। इसके बाद उसने कहा कि वह महाराज जी के दर्शन करने जा रहा है। वह प्रेमानंद महाराज की दी हुई कंठी-माला और तीन किताबें लेकर घर से निकला था। इसके बाद तीन महीने बीत गए, लेकिन आज तक न तो उसकी शक्ल देखी है और न ही उससे कोई बात हुई है। राजवीर सिंह ने बताया कि चार बेटियों के बीच अनुज उनका इकलौता बेटा है। वह पढ़ाई करता था और इस साल इंटर में था। उसकी उम्र करीब 16-17 साल है। राजवीर किसान हैं। उन्होंने कहा, “मुझे मेरा बेटा वापस दे दो। हम यहां से चले जाएंगे।” दादी का आरोप- आश्रम वालों ने धक्का देकर भगाया अनुज की दादी मुन्नी ने बताया, “25 तारीख को उसे दीक्षा लिए तीन महीने हो गए। दीक्षा लेने के बाद वह घर आया था। इसके बाद उसने कहा कि प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जा रहा है। वह केली कुंज आश्रम चला गया। इसके बाद से हमें उसका कोई हाल-चाल नहीं मिला।” उन्होंने आरोप लगाया कि अनुज के बारे में जानकारी लेने के लिए परिवार आश्रम पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। मुन्नी के मुताबिक, परिवार ने आश्रम में लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग दिखाने की भी मांग की, लेकिन उन्हें कैमरे चेक नहीं करने दिए गए। मुन्नी ने बताया कि आश्रम की ओर से उन्हें सिर्फ यही कहा गया कि अनुज साधना में है और वापस आ जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार ने सादाबाद और बिसावर थाने में शिकायत की थी। पुलिस भी आश्रम पहुंची, लेकिन परिवार को अभी तक अनुज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। अनुज की दादी मुन्नी ने कहा कि अभी तक बच्चे का कोई पता नहीं चला है। उन्होंने बताया, “आश्रम में एक महात्मा जी हैं। उन्होंने गुरुवार को हमसे कहा था कि दो घंटे में बच्चा दे देंगे, लेकिन अब उन दो घंटों का भी कोई पता नहीं है। कल उन्हीं से हमारी बात हुई थी।” मुन्नी के मुताबिक, परिवार की अनुज से आखिरी बार 3 तारीख की सुबह फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा, “हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि हमें अपना बच्चा चाहिए। तीन महीने से बच्चे से कोई मुलाकात नहीं हुई है। हम कल से नहीं, बल्कि तीन महीने से यहां बैठे हैं, लेकिन अभी तक बच्चा हमें नहीं मिला है।” आश्रम के बाहर पुलिस पहुंची आश्रम के बाहर धरने की सूचना पर वृंदावन पुलिस पहुंची। सीओ वृंदावन संदीप सिंह, कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस टीम आश्रम के अंदर गई और अनुज के बारे में जानकारी जुटाई। आश्रम प्रबंधन बोला- अनुज यहां नहीं है पुलिस के साथ आश्रम का एक साधक बाहर आया। उसने परिजनों को बताया कि आश्रम के सेवादारों के ग्रुप में अनुज की फोटो भेजी गई है। गुरु पूर्णिमा के दौरान हजारों शिष्य आश्रम आए थे। उस समय भी अनुज को लेकर जानकारी जुटाई गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। आश्रम प्रबंधन परिवार की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। हालांकि, परिजन इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। सीओ बोले- दीक्षा की बात सामने आई, रहने का रिकॉर्ड नहीं मिला सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि परिवार की ओर से विरोध और शिकायत के बाद जांच में जानकारी सामने आई कि अनुज चौधरी की दीक्षा आश्रम में 26 जून 2026 को हुई थी। उसके बाद आश्रम के किसी कुंज में रहने की बात सामने नहीं आई है। उसके बाद 5 जुलाई को परिवार ने सादाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उसमें बताया गया था कि बच्चा कोचिंग जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं आया। शुक्रवार को अनुज के परिजन वृंदावन आए। उनका यह आरोप था कि बच्चा आश्रम में ही है। आश्रम के लोगों की ओर से उन्हें प्रॉपर्ली ब्रीफ नहीं किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर आश्रम के रिकॉर्ड चेक किए गए हैं। उसमें उसके यहां नहीं होने की बात सामने आई है। परिजनों को भरोसा दिया गया है कि बच्चे की तलाश में पुलिस पूरी मदद करेगी। ——————– ये खबर भी पढ़ें… प्रेमानंदजी के शिष्य का चौथी मंजिल से कूदने का CCTV:6 सेकेंड बाउंड्री पर बैठे, फर्श पर लेटे, फिर अचानक उठकर छलांग लगाई
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य रसिक दुलारी शरण के चौथी मंजिल से कूदने का CCTV सामने आया है। इसमें दिख रहा कि वह छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे। 6 सेकेंड बाद फर्श पर लेट जाते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से छलांग लगा देते हैं। यह देखकर दूसरा शिष्य दौड़ता हुआ पहुंचता है। नीचे झांककर देखता है। रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर की सुबह 10:35 बजे सुसाइड किया था। छत पर लगे सीसीटीवी में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई। पढ़ें पूरी खबर…

