बलरामपुर में मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक AI वीडियो पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को केस दर्ज किया। वीडियो पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान के भाई साधु पासवान के नाम की फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया था। जांच के सिलसिले में साधु पासवान को मंगलवार शाम 5 बजे देहात कोतवाली बुलाया गया। उनसे पुलिस ने पूछताछ की। इसकी जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जगराम पासवान और पूर्व विधायक राम सागर अकेला समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। जगराम पासवान ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत को अपने फेसबुक अकाउंट से लाइव भी किया। लाइव के दौरान उन्होंने दावा किया कि वीडियो पार्टी कार्यालय से आया था और उसे फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अकाउंट कौन चला रहा था और वीडियो किसने पोस्ट किया। मामला देहात कोतवाली थाना क्षेत्र का है। साधु पासवान के नाम की आईडी से पोस्ट हुआ वीडियो पुलिस के अनुसार, ‘साधु पासवान’ नाम की फेसबुक आईडी पर मुख्यमंत्री के बारे में अशोभनीय टिप्पणी वाला AI वीडियो अपलोड किया गया। पुलिस ने इसे सामाजिक सौहार्द और जातीय सद्भाव बिगाड़ने वाला कंटेंट मानते हुए खुद संज्ञान लिया और मुकदमा दर्ज किया। समर्थकों ने की नारेबाजी, पुलिस ने बाहर किया मामले को लेकर कोतवाली में समर्थकों की भीड़ बढ़ गई। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। समर्थकों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने शाम 7:30 बजे समर्थकों को कोतवाली परिसर से बाहर कर दिया। ASP बोले- हिरासत में लेकर कार्रवाई की जा रही एएसपी विशाल पांडेय ने बताया- साधु पासवान नाम की फेसबुक आईडी पर मुख्यमंत्री के लिए अशोभनीय AI वीडियो अपलोड किया गया था। पुलिस ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए कोतवाली देहात में केस दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि साधु पासवान को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर निगरानी, आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई की चेतावनी एएसपी ने कहा- इस तरह की सामग्री सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जातीय विद्वेष बढ़ाने का कारण बन सकती है। जिले में लागू धारा 144 का हवाला देते हुए उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित नहीं करने की अपील की। पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला वीडियो, पोस्ट या अन्य आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फेसबुक अकाउंट के वास्तविक संचालक की जांच फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि ‘साधु पासवान’ नाम के फेसबुक अकाउंट का वास्तविक संचालक कौन है और विवादित वीडियो पोस्ट करने में किसकी भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद मामले में स्थिति स्पष्ट होने की बात पुलिस ने कही है।

