स्नातक एमएलसी चुनाव का सियासी पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है, वैसे-वैसे आरोप प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को प्रयागराज के गवर्नमेंट प्रेस ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी सभा की। इस सभा के ठीक बाद शाम को सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। सपा प्रत्याशी का दावा है कि इस राजनीतिक सभा में भीड़ जुटाने के लिए शिक्षा और प्रशासन के अधिकारियों ने अपनी सीमाओं का उल्लंघन किया। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से पत्र जारी कर और शिक्षकों पर दबाव बनाकर उन्हें इस चुनावी सभा में शामिल होने के लिए बाध्य किया गया। सपा प्रत्याशी ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में हार-जीत तय करने के लिए सत्ता पक्ष द्वारा सरकारी अमले, प्रशासनिक तंत्र और शिक्षा विभाग का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के पूरी तरह विपरीत है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर आचार संहिता उल्लंघन करार देते हुए निर्वाचन आयोग से तत्काल संज्ञान लेने और मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सपा प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा के नेता, मंत्री और खुद मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। गवर्नमेंट प्रेस ग्राउंड में हुई मुख्यमंत्री की इस हाई-प्रोफाइल सभा के बाद सपा प्रत्याशी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

