गोपालगंज में भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जबरन जमीन कब्जा करने के मामले की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगा। राज्य सरकार ने कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय सहित कुल 7 लोगों पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया है। यह पूरा मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव स्थित लगभग 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्राथमिकी में विधायक पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय समेत कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि रसूख और सत्ता के बल पर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा था। इसके माध्यम से जमीन मालिकों को डरा-धमकाकर उनकी पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जा जमाया गया। दस्तावेज और केस डायरी CID को सौंपा राज्य सरकार द्वारा जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपे जाने के बाद से जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय पुलिस से इस मामले के सभी दस्तावेज और केस डायरी अब सीआईडी को हस्तांतरित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीआईडी की जांच में गवाहों के बयान और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की नए सिरे से गहन पड़ताल की जाएगी। सत्ताधारी दल के विधायक का नाम शामिल होने के कारण इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। गोपालगंज में भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जबरन जमीन कब्जा करने के मामले की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगा। राज्य सरकार ने कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय सहित कुल 7 लोगों पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया है। यह पूरा मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव स्थित लगभग 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्राथमिकी में विधायक पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय समेत कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि रसूख और सत्ता के बल पर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा था। इसके माध्यम से जमीन मालिकों को डरा-धमकाकर उनकी पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जा जमाया गया। दस्तावेज और केस डायरी CID को सौंपा राज्य सरकार द्वारा जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपे जाने के बाद से जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय पुलिस से इस मामले के सभी दस्तावेज और केस डायरी अब सीआईडी को हस्तांतरित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीआईडी की जांच में गवाहों के बयान और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की नए सिरे से गहन पड़ताल की जाएगी। सत्ताधारी दल के विधायक का नाम शामिल होने के कारण इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।


