Chittorgarh Accident: ट्रक-ट्रेलर में भीषण टक्कर, चालक के सीने में घुसा सरिया, दो घंटे तक केबिन में फंसा रहा

Chittorgarh Accident: ट्रक-ट्रेलर में भीषण टक्कर, चालक के सीने में घुसा सरिया, दो घंटे तक केबिन में फंसा रहा

चित्तौड़गढ़। निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ मार्ग पर रविवार को चिकारड़ा गोशाला के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। टर्बो ट्रक और ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर एक-दूसरे में फंस गए। हादसे में टर्बो चालक उपेंद्र यादव के सीने में लोहे का सरिया घुस गया और वह करीब दो घंटे तक क्षतिग्रस्त केबिन में फंसा रहा। पुलिस और ग्रामीणों ने जेसीबी, हाइड्रा क्रेन और कटर की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। हादसे में दोनों वाहन चालकों को चोटें आई हैं। गंभीर हालत में दोनों को उदयपुर रेफर किया गया है।

रॉन्ग साइड से ओवरटेक करने के दौरान हुआ हादसा

चिकारड़ा चौकी प्रभारी एएसआई कालू सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जोधपुर पासिंग टर्बो का चालक और झारखंड निवासी उपेंद्र यादव रॉन्ग साइड से आकर ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सामने से निंबाहेड़ा की ओर जा रहे ट्रेलर से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। ट्रेलर चालक की पहचान मुकेश कुमार के रूप में हुई है।

टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई कालू सिंह, हीरालाल, मनोज कुमार और कालूलाल सहित पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। क्षतिग्रस्त वाहनों के बीच फंसे चालक की हालत देखकर तुरंत रेस्क्यू शुरू किया गया।

Chittorgarh Road Accident
हादसे के बाद ट्रक का क्षतिग्रस्त केबिन (फोटो-पत्रिका)

सरिया सीने में घुसा, दो घंटे चला रेस्क्यू

हादसे के बाद टर्बो का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। उपेंद्र यादव उसके अंदर फंसा हुआ था और उसके सीने में आगे का सरिया घुस गया था। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। पुलिस और ग्रामीणों ने जल्दबाजी के बजाय सावधानी से वाहन के हिस्सों को काटकर अलग करने का काम शुरू किया। इसके लिए जेसीबी और हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई।

करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद चालक को क्षतिग्रस्त केबिन से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद दोनों घायल चालकों को सांवलियाजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को उदयपुर रेफर कर दिया गया।

4 से 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतार

हादसे के बाद निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर करीब 4 से 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। भीषण गर्मी में जाम में फंसे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करते हुए निकुंभ और मंगलवाड़ चौराहे से वाहनों का रूट डायवर्ट किया। निकुंभ की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को आवरी माता मार्ग से निकाला गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका।

भारी वाहनों की आवाजाही पर उठ रहे सवाल

निंबाहेड़ा क्षेत्र में सीमेंट उद्योग और आसपास की स्टोन खदानों के कारण इस मार्ग पर बड़ी संख्या में भारी वाहन चलते हैं। स्थानीय स्तर पर मार्ग पर जाम और दुर्घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। इस हादसे ने सड़क की स्थिति, भारी वाहनों की आवाजाही और ओवरटेकिंग के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग को फोरलेन किए जाने की चर्चाओं और औपचारिकताओं के बावजूद निर्माण कार्य जमीन पर शुरू नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।

यह भी पढ़ें :

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *