बीकानेर। मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता हो, तो सफलता खुद कदम चूमती है। इसका शानदार उदाहरण बनी हैं बीकानेर की बेटी तान्या सावनसुखा, जिन्होंने सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा परिणाम-2026 में 500 में से 499 अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। तान्या ने अपनी स्कूली शिक्षा सीकर में रहकर पूरी की। शानदार परिणाम के बाद परिवार और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। तान्या की इस उपलब्धि को लेकर शिक्षा जगत में भी चर्चा बनी हुई है।
हॉस्टल की अनुशासित दिनचर्या बनी ताकत
तान्या ने बताया कि उन्होंने छात्रावास में रहकर नियमित रूप से प्रतिदिन 6 से 7 घंटे अध्ययन किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में मोबाइल उपयोग की अनुमति नहीं थी, जिसका फायदा उनकी पढ़ाई में मिला। यही वजह रही कि वे अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रख सकीं। तान्या के अनुसार सफलता अचानक नहीं मिलती, इसके लिए पहले लक्ष्य तय करना पड़ता है और फिर पूरी एकाग्रता के साथ लगातार मेहनत करनी होती है।
पारिवारिक कार्यक्रमों से भी बनाई दूरी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी के दौरान तान्या ने सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में भी सीमित उपस्थिति रखी। उनका मानना है कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए कुछ समय तक व्यक्तिगत प्राथमिकताओं में संतुलन जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा के समय पढ़ाई करने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि पूरे साल नियमित अभ्यास और निरंतर अध्ययन जरूरी है।
टीचर्स से संवाद को बताया जरूरी
तान्या ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान यदि किसी विषय में परेशानी आए तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत शिक्षकों से संपर्क कर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों, विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और नियमित अध्ययन को दिया। शानदार सफलता के बाद अब तान्या का अगला लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना है।
उन्होंने कहा कि वे भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। तान्या की यह उपलब्धि न केवल बीकानेर, बल्कि प्रदेश के उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
बेटियां फिर कामयाब
बता दें कि सीबीएसई ने बुधवार को बारहवीं का परिणाम घोषित किया। अजमेर रीजन में छात्राओं का परिणाम 90.14 प्रतिशत (पिछले साल 93.30 ) और छात्रों का परिणाम 84.26 प्रतिशत (पिछले साल 88.31) रहा है। छात्राओं के परिणाम में पिछले साल के मुकाबले 3.31 प्रतिशत, छात्रों के परिणाम में 4.05 प्रतिशत की गिरावट हुई है। छात्रों के मुकाबले छात्राओं का परिणाम 5.88 प्रतिशत अधिक रहा है। अजमेर रीजन का कुल परिणाम 86.78 प्रतिशत (पिछले साल 90.40) रहा है। अजमेर रीजन देश में 11 स्थान (बीते साल 10 वें) पर रहा है।


