कैमूर में बाइक जलाने और लूट का मामला फर्जी:पुलिस जांच में खुलासा, DSP ने दी केस की जानकारी

कैमूर में बाइक जलाने और लूट का मामला फर्जी:पुलिस जांच में खुलासा, DSP ने दी केस की जानकारी

कैमूर पुलिस ने भभुआ थाना क्षेत्र के गोराईपुर निवासी शशिकांत पासवान द्वारा दर्ज कराई गई लूट और बाइक जलाने की शिकायत को पूरी तरह फर्जी पाया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले का पर्दाफाश किया। मोहनिया डीएसपी गोपाल कृष्ण ने मीडिया को बताया कि उन्हें सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली थी। शिकायत के अनुसार, शशिकांत पासवान चंदौली से दुर्गावती होते हुए अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे लिफ्ट ली और कथित तौर पर 70,000 रुपये लूटकर उनकी बाइक में आग लगा दी। जांच के दौरान घटना के कोई साक्ष्य नहीं मिले सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच-पड़ताल शुरू की। डीएसपी गोपाल कृष्ण ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान घटना के कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने पाया कि बाइक खुद-ब-खुद जली थी और लूट की कोई घटना नहीं हुई थी। डीएसपी ने आगे बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शिकायतकर्ता ने शायद कोई कर्ज लिया था। इस कर्ज से बचने के लिए उसने किसी अन्य व्यक्ति पर लूट का झूठा आरोप लगाने की साजिश रची होगी। अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील पुलिस फिलहाल मामले की आगे की तहकीकात कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी न फैलाएं। कैमूर पुलिस ने भभुआ थाना क्षेत्र के गोराईपुर निवासी शशिकांत पासवान द्वारा दर्ज कराई गई लूट और बाइक जलाने की शिकायत को पूरी तरह फर्जी पाया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले का पर्दाफाश किया। मोहनिया डीएसपी गोपाल कृष्ण ने मीडिया को बताया कि उन्हें सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली थी। शिकायत के अनुसार, शशिकांत पासवान चंदौली से दुर्गावती होते हुए अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे लिफ्ट ली और कथित तौर पर 70,000 रुपये लूटकर उनकी बाइक में आग लगा दी। जांच के दौरान घटना के कोई साक्ष्य नहीं मिले सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच-पड़ताल शुरू की। डीएसपी गोपाल कृष्ण ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान घटना के कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने पाया कि बाइक खुद-ब-खुद जली थी और लूट की कोई घटना नहीं हुई थी। डीएसपी ने आगे बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शिकायतकर्ता ने शायद कोई कर्ज लिया था। इस कर्ज से बचने के लिए उसने किसी अन्य व्यक्ति पर लूट का झूठा आरोप लगाने की साजिश रची होगी। अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील पुलिस फिलहाल मामले की आगे की तहकीकात कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी न फैलाएं।  

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