Bundi : उदयपुर की तर्ज पर बूंदी को बनाएंगे वेडिंग डेस्टिनेशन, 500 करोड़ से विकास को मिलेगी नई दिशा – बिरला

बूंदी. लोकसभा अध्यक्ष गुरुवार को बूंदी के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने करीब 48.98 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान टाउन हॉल में आयोजित “बूंदी विकास मंथन” कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से बूंदी के समग्र विकास को लेकर सुझाव भी लिए गए। कार्यक्रम में बून्दी में प्रस्तावित लगभग 500 करोड़ रुपऐ के विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
 अपने संबोधन में बिरला ने कहा कि “बूंदी केवल अतीत की विरासत बनकर न रहे, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का भी केंद्र बने”, इसी उद्देश्य से शहर के विकास का एक व्यापक ब्लूप्रिन्ट तैयार किया गया है, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा।

औद्योगिक और पर्यटन विकास पर जोर

ओम बिरला ने कहा कि बून्दी अब औद्योगिक क्रांति के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि तालेड़ा क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपए के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं और आने वाले समय में देशी-विदेशी पर्यटकों का आकर्षण इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पहचान को नई ऊंचाई देगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, आधुनिक रेलवे स्टेशन और प्रस्तावित कोटा–बून्दी एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं क्षेत्र को देश के बड़े आर्थिक और पर्यटन मानचित्र से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

खेल और युवाओं के लिए नई संभावनाएं

स्पीकर बिरला ने बून्दी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक खेल सुविधाएं युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर खेल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इन विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

इस अवसर पर यूथ हॉस्टल, बून्दी-दलेलपुरा सडक़, बालक एवं बालिका छात्रावास, वर्किंग वूमन हॉस्टल तथा आयुष अस्पताल सहित लगभग 49 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में विधायक हरिमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, नगर परिषद निवर्तमान चेयरमैन सरोज अग्रवाल तथा जिला कलक्टर हरफूल यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विरासत संरक्षण के साथ आधुनिक विकास

उन्होंने कहा कि “विरासत के साथ विकास” के मूलमंत्र पर कार्य करते हुए शहर के ऐतिहासिक द्वारों, बावडय़िों, छतरियों, परकोटा क्षेत्र और प्रमुख धरोहरों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। फसाड़ लाइटिंग, हेरिटेज वॉकवे और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से भविष्य में शाम के समय पूरा बूंदी स्वर्णिम आभा में दमकता नजर आएगा।
इसके साथ ही शहर की आधारभूत संरचना को आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रमुख सडक़ों का उन्नयन, भूमिगत विद्युत लाइनें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, पार्कों का विकास, चौपाटी, अंडरग्राउंड पार्किंग और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं पर भी कार्य किया जाएगा।

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