BSE Sensex में 1045 अंकों की भारी गिरावट, Nifty टूटकर 22231 पर पहुंचा

BSE Sensex में 1045 अंकों की भारी गिरावट, Nifty टूटकर 22231 पर पहुंचा

मुंबई, आठ अक्टूबर कच्चे तेल के दाम में तेजी, मौद्रिक नीति और सख्त होने की आशंका में घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,045 अंक का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर पर, जबकि एनएसई निफ्टी 22,230 अंक के करीब आ गया। विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के बीच ब्याज दर को लेकर संवेदनशील जिंस और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नुकसान में रहा। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। इससे पहले बीएसई सेंसेक्स 13 फरवरी, 2024 को इस स्तर के आसपास बंद हुआ था। इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक की गिरावट के साथ 22,179.90 अंक के अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर तक आ गया था। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में आईटीसी में सर्वाधिक 4.24 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन (3.36 प्रतिशत), पावर ग्रिड (3.16 प्रतिशत), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (3.1 प्रतिशत), अदाणी पोर्ट्स (2.59 प्रतिशत) और एनटीपीसी (2.43 प्रतिशत) प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।

दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इन्फोसिस के शेयर बढ़त में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.25 प्रतिशत चढ़कर 104.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,121.37 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। करीब चार साल में यह पहली बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंक ने निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना को खारिज करते हुए संकेत दिया कि बढ़ती महंगाई, कमजोर रुपये और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच आगे भी नीतिगत दर और बढ़ सकती है।

रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने आम सहमति से रेपो दर बढ़ाने के पक्ष में निर्णय किया। समिति ने इसके साथ नीतिगत रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘सूझ-बूझ के साथ सख्त’ किए जाने का भी अप्रत्याशित फैसला किया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में तेज बिकवाली का दौर जारी रहा।

रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति के असर से ब्याज दर को लेकर संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव पड़ा। … इसके साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली, बॉण्ड प्रतिफल का ऊंचा होना और रुपये में गिरावट ने इस दबाव को और बढ़ाया।’’
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी कच्चे तेल की अस्थिर कीमत भी लगातार चुनौती बनी हुई है। छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.58 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट 2.53 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों में 3,426 शेयर नुकसान में जबकि 1,003 लाभ में रहे। वहीं 225 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बृहस्पतिवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ने के बीच कच्चा तेल दबाव का प्रमुख कारण बना रहा। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की चिंता फिर बढ़ गई है। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब रिजर्व बैंक ने एक दिन पहले ही अपना नीतिगत रुख ‘सूझ-बूझ के साथ सख्त’ किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी ट्रेजरी पर प्रतिफल ऊंचा बने रहने और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। इसके साथ वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों से घरेलू शेयर बाजार को खास मदद नहीं मिली।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग उल्लेखनीय गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार गिरावट का रुख रहा।

अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स बुधवार को 429.11 अंक टूटकर 72,638.70 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 173.05 अंक की गिरावट के साथ 22,603.05 अंक पर रहा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *