फाजिल्का नगर कौंसिल में बीजेपी सबसे बड़ा दल:11वार्ड जीते पर बहुमत दो सीट दूर, AAP 5 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर, कांग्रेस को 9

फाजिल्का नगर कौंसिल में बीजेपी सबसे बड़ा दल:11वार्ड जीते पर बहुमत दो सीट दूर, AAP 5 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर, कांग्रेस को 9

फाजिल्का नगर कौंसिल चुनाव की मतगणना में आज एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। स्थानीय लड़कों के सरकारी स्कूल में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई मतगणना के बाद आए नतीजों ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। हालांकि, फाजिल्का के मतदाताओं ने किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है। शाम तक आए कुल 25 वार्डों के परिणाम में बीजेपी 11 वार्डों में जीत मिली है। जबकि कांग्रेस ने 9 सीटों पर कब्जा जमाया है। 25 सीटों पर जीत का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी की यहाँ बुरी तरह से हार दिखाई दी। लेकिन आप महज पांच सीटों पर ही सिमट कर रह गई । त्रिशंकु कौंसिल: बहुमत से दो कदम दूर भाजपा, ‘आप’ तीसरे नंबर पर सिमटी फाजिल्का नगर कौंसिल के कुल 25 वार्डों के शाम तक आए नतीजों में कांटे की टक्कर देखने को मिली। कौंसिल में स्पष्ट बहुमत (बोर्ड बनाने) के लिए 13 सीटों का जादुई आंकड़ा जरूरी है। इसके लिए ​बीजेपी को दो काउंसलर की जरूरत है। हालांकि मौके पर मौजूद पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक व भाजपा नेता सुरजीत जियानी ने दावा किया कि अब फाजिल्का नगर कौंसिल में भाजपा अपना बोर्ड बनाएगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP): 11 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी) कांग्रेस (Congress): 09 सीटें (दूसरे स्थान पर) आम आदमी पार्टी (AAP): 05 सीटें (तीसरे स्थान पर)
“फाजिल्का का विकास चाहने वाले हमारे साथ आएंगे”— सुरजीत जियानी नतीजों के बाद मतगणना केंद्र पर पहुंचे पंजाब के पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता सुरजीत जियानी ने जीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि फाजिल्का नगर कौंसिल में भाजपा ही अपना बोर्ड और चेयरमैन बनाएगी। सुरजीत जियानी ने कहा, “आज फाजिल्का के लोगों ने भाजपा की नीतियों के पक्ष में फतवा दिया है। भले ही बोर्ड बनाने के लिए 13 सीटें चाहिए और हमारे पास 11 हैं, लेकिन बाकी वो लोग हमारे साथ आएंगे जो फाजिल्का का असली विकास चाहते हैं।” पंजाब की कानून व्यवस्था पर जियानी का तंज सत्तारूढ़ दल पर हमला बोलते हुए पूर्व मंत्री जियानी ने कहा कि पंजाब में ‘आप’ की सरकार होने के बावजूद कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जनता की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी बदहाली और मौजूदा हालातों को देखते हुए लोगों ने इस बार बदलाव के लिए अपना वोट भाजपा की झोली में डाला है। अब किंगमेकर की भूमिका में कांग्रेस और अन्य समीकरण नतीजों के बाद अब फाजिल्का की स्थानीय राजनीति में जोड़-तोड़ का दौर शुरू होना तय है। भाजपा को अपना चेयरमैन बनाने के लिए 2 और पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा को यह समर्थन कहां से मिलता है, या फिर कांग्रेस और ‘आप’ मिलकर कोई नया समीकरण तैयार करती हैं। फिलहाल, नैतिक बढ़त भाजपा के पास दिखाई दे रही है। फाजिल्का नगर कौंसिल: सभी 25 वार्डों के विजेताओं की पूरी सूची

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