भाजपा ने बदली कार्यशैली, वर्चुअल मीटिंग पर जोर:दफ्तर में नहीं होगी सामूहिक बैठकें, पदाधिकारी इस्तेमाल करेंगे इलेक्ट्रिक वाहन

भाजपा ने बदली कार्यशैली, वर्चुअल मीटिंग पर जोर:दफ्तर में नहीं होगी सामूहिक बैठकें, पदाधिकारी इस्तेमाल करेंगे इलेक्ट्रिक वाहन

खाड़ी देशों में जारी युद्ध के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन ने पार्टी कार्यालयों में होने वाली सामूहिक बैठकों पर फिलहाल रोक लगा दी है। ईंधन की बचत और अनावश्यक आवाजाही को कम करने के लिए अब पदाधिकारियों के बीच वर्चुअल माध्यम से संवाद किया जा रहा है। राष्ट्रीय संगठन के इन निर्देशों का पालन खंडवा भाजपा ने भी शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में दो दिन पहले जिला कार्यालय में प्रस्तावित एक बैठक को आनन-फानन में स्थगित कर दिया गया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष राजपालसिंह तोमर ने सभी पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर आवश्यक विषयों पर चर्चा की। पीएम मोदी और सीएम डॉ. यादव कर चुके हैं अपील
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग को ज्यादा से ज्यादा अपनाने की अपील कर रहे हैं। वे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर भी जोर दे रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों को खुद पहल कर जनता को ईंधन बचत के प्रति प्रेरित करने के निर्देश दिए थे। कार्यालय के बाहर गाड़ियों का काफिला हुआ कम
संगठन के इस फैसले का असर जमीनी स्तर पर भी दिखने लगा है। पहले भाजपा कार्यालय में नेताओं और पदाधिकारियों के साथ दो से पांच गाड़ियों का काफिला पहुंचता था, लेकिन अब इसमें काफी कमी आई है। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब कारों की जगह टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करते नजर आ रहे हैं। ‘अत्यंत आवश्यक होने पर ही होंगी जिला स्तरीय बैठकें’
इस नई व्यवस्था को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष राजपालसिंह तोमर ने कहा, राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर जिला कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक को स्थगित कर वर्चुअल चर्चा की गई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की बचत बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि संगठन ने सभी जिलाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही कार्यालय में इन-पर्सन बैठक बुलाई जाए, अन्यथा ऑनलाइन माध्यम से ही संवाद किया जाए। भविष्य के संभावित संकट से निपटने के लिए अभी से बचत की आदत विकसित की जा रही है।

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