भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने बृहस्पितावर को चेन्नई में 804 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं, क्योंकि उन पर हॉलमार्क नहीं था और उन्हें व्यावसायिक बिक्री के लिए प्रदर्शित किया गया था। सोने के आभूषणों और कलाकृतियों पर अनिवार्य हॉलमार्क की शुरुआत जून 2021 में की गई थी। हॉलमार्क कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता या गुणवत्ता का आधिकारिक प्रमाण होता है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय ने एक सितंबर, 2026 को चेन्नई के अंबत्तूर स्थित एक ज्वेलरी दुकान पर प्रवर्तन जांच और जब्ती अभियान के दौरान 803.99 ग्राम बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त किए। यह कार्रवाई भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई, क्योंकि जांच के दौरान व्यावसायिक बिक्री के लिए बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण प्रदर्शित पाए गए थे। बयान में कहा गया, जब्त किए गए आभूषणों में 175 मंगलसूत्र शामिल हैं, जिनका वजन 671.50 ग्राम है।
इसके अलावा 25.02 ग्राम वजन की बच्चों की 12 चूड़ियां, 86.14 ग्राम वजन के 40 कानों के झुमके और 21.33 ग्राम वजन के 10 पेंडेंट भी शामिल हैं। बीआईएस अधिकारियों ने पाया कि अलग-अलग डिजाइन और श्रेणियों के आभूषणों को बिना अनिवार्य हॉलमार्क के बिक्री के लिए रखा गया था। इन आभूषणों को विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया गया है।
बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय के प्रमुख एस. डी. दयानंद ने कहा, बीआईएस नियमित रूप से बाजार की निगरानी और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियां करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन और हॉलमार्क के दायरे में आने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों का पालन करते हों। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री को रोकती है और बीआईएस मानक चिह्न तथा हॉलमार्क के दुरुपयोग पर भी रोक लगाती है। बीआईएस ने बताया कि हॉलमार्क कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता या गुणवत्ता की आधिकारिक गारंटी प्रदान करती है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर बीआईएस का लोगो, शुद्धता/गुणवत्ता का स्तर और छह अंकों वाला हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर अंकित होता है। उपभोक्ता बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से हॉलमार्क वाले आभूषणों के एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) की जांच कर सकते हैं।

