श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति की मांग को लेकर बुलंदशहर स्थित श्री सिद्ध धाम रामघाट से एक बाइक यात्रा निकाली गई। मोटरसाइकिल यात्रा मथुरा पहुंचकर केडीएस इंटरनेशनल स्कूल, सलेमपुर रोड पर आयोजित सभा में परिवर्तित हो गई। सभा में संतों ने मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराते हुए हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। इस अवसर पर छावा म्यूजिक कंपनी ने आंदोलन को समर्पित गीत “श्री कृष्ण जन्मभूमि मेरी शान” भी लॉन्च किया। श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए लड़ी जा रही कानूनी लड़ाई सभा का संचालन करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को बार-बार तोड़े जाने के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओडिशा, झारखंड, बंगाल, बिहार तथा बुलंदशहर के जरगंवा, लोहागढ़ सहित अनेक गांवों से आए कृष्ण भक्तों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर अवश्य बनेगा। उन्होंने कहा कि आगरा की जामा मस्जिद में लगे भगवान श्रीकृष्ण के विग्रहों को वापस मथुरा लाने के लिए भी न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। 2027 में निकलेगी एक और यात्रा सिद्ध बाबा धाम के महंत संत स्वामी कांताचार्य महाराज ने कहा कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के बैनर तले चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए यहां तक आए हैं। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2027 में इससे भी बड़ी यात्रा मथुरा लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सनातन की इस आंधी को अब कोई नहीं रोक सकता। महामंडलेश्वर अध्यात्म गुरु स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि यहां एकत्रित सभी सनातनियों की एक ही मांग है कि मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान का मंदिर बने। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सभी सनातनी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का साथ देंगे। श्री कृष्ण जन्मस्थान के लिए नहीं है किसी प्रमाण की आवश्यकता सभा में मौजूद रहे संत डॉ. आदित्यानंद महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के संबंध में अब किसी अतिरिक्त प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने विश्वभर से साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में प्रस्तुत किए हैं। विष्णुकांत ब्रजवासी ने हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण की मांग को लेकर महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा शुरू की गई लड़ाई के जल्द ही सुखद परिणाम सामने आएंगे। हिंदुओं से एकजुट होने का संतों ने किया आह्वाहन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवा मंगलम के पीठाधीश्वर संत गोविंददानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि हर ताले को खोलने के लिए एक चाबी की आवश्यकता होती है, हथौड़े की नहीं। यदि सभी लोग अपनी तालियों को ताकत में बदल लें तो मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती तथा धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए हिंदुओं से संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर मूल गर्भगृह स्थल पर मस्जिद बनाए जाने के पर्याप्त प्रमाण आज उपलब्ध हैं। हनुमान टेकरी के संत दशरथ दास जी महाराज, ब्रज सेवक संत श्री श्यामानंद जी महाराज तथा आर.बी. चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया। गीत हुआ लॉन्च इससे पूर्व छावा म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर दशरथ सिंह राठौड़ एवं प्रोड्यूसर मनीषा राठौड़ ने आंदोलन को समर्पित गीत “श्री कृष्ण जन्मभूमि मेरी शान है… महेंद्र प्रताप हमें जीत दिलाएंगे” यात्रा को समर्पित किया। रिमझिम सिंह, सोनल सिंह, विशाल और रोहित उपर्व ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिल्म प्रोड्यूसर मोनू राजावत ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। यात्रा का हुआ स्वागत इससे पहले न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में कृष्णापुरी पर यात्रा का स्वागत किया गया। यहां से यात्रा होली गेट पहुंची। यात्रा का कालीचरण, केला देवी मंदिर पर आर.बी. चौधरी, कंकाली पर राजन सिंह तथा भूतेश्वर पर समाजसेवी सुभाष चौधरी ने न्यास के अध्यक्ष और साधु-संतों का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बुलंदशहर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यवीर सिंह, नरवेश भारद्वाज, विनोद चंद्र शर्मा, अशोक प्रताप सिंह एडवोकेट, राकेश बाबा, वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र यादव, कुंवर जितेंद्र सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, वंदना शर्मा, सच्ची सिंह, दीपाली सिंह, जितेंद्र सिंह, अजय शर्मा, सन्नी ठाकुर, रमाकांत मिश्रा, ठाकुर लीला सिंह आदि उपस्थित रहे।


