बूंदी के नैनवां में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद, शाखा नैनवां ने पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। शुक्रवार को हुए इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और परिषद सदस्यों ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के तहत सुबह 8 बजे श्री द्वारकाधीश हर्बल पार्क और 8:30 बजे अगड़ के श्री वीर बालाजी मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। इस दौरान नीम, शीशम, बेलपत्र, आंवला सहित कुल 20 छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए। पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड भी स्थापित किए गए। पौधारोपण के बाद एक पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पर्यावरणविद् भवानी सिंह सोलंकी और राधेश्याम सैनी ने पौधों के महत्व, उपयोगिता और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संकल्प दोहराया।
गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने नैनवां क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कनक सागर और नवल सागर तालाब की पाल को बाढ़ से हुए नुकसान, पुरानी नर्सरी स्थित ऐतिहासिक बावड़ी और सरस्वती-गणेशजी की जर्जर छतरी के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने प्रशासन से इन धरोहरों के बचाव के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस कार्यक्रम में भारत विकास परिषद, शाखा नैनवां के अध्यक्ष मुकेश श्रृंगी, सत्यनारायण साहू, नरेंद्र जैन, बालकृष्ण सोनी, सत्यनारायण स्वामी, सुरेश जैन, नाथूलाल निर्मल, रोडूलाल जाट, कैलाश टेलर, अरविंद शर्मा, पुखराज ओसवाल, शैलेंद्र मारवाड़ा और अनिल जैन सहित कई सदस्य उपस्थित थे। अगड़ वीर हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष अटल सोनी, महावीर गौतम और ललित गौतम भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।


