मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में आयुर्वेद की पढ़ाई कर रही छात्रा ने फांसी लगा ली। आनन फानन में परिजन उसे उठाकर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि छात्रा की परीक्षा ख़राब हो गई थी जिसके बाद से वह डिप्रेशन में चल रही थी। परेशान होकर वह दादी के घर पहुंची और फांसी लगा ली। जाटव गेट में कासिम परिवार के साथ रहते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। एक बेटी अरीबा हापुड़ के एक आयुर्वेद कॉलेज से बीएएमएस की पढ़ाई कर रही थी। रविवार रात करीब 10 बजे अरीबा को फंदे के सहारे लटका देखा परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद वहां आस पड़ोस के लोगों की भीड़ जमा होती चली गई। अस्पताल में चिकित्सक ने किया मृत घोषित लोगों की मदद से परिवार के लोग अरीबा को उठाकर सीधे साकेत स्थित सुशीला जसवंत राय अस्पताल पहुंचे लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन अरीबा का शव लेकर घर आ गए। कुछ ही देर में लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंच गई और परिजनों से बात की। परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार
लालकुर्ती थाने की पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई शुरू की तो परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। मामला 22 वर्षीय छात्रा की मौत से जुड़ा था, इसलिए पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाया। काफी देर समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम करने के लिए राजी हो गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया। परीक्षा खराब होने से थी परेशान
शुरुआती जांच में सामने आया है कि अरीबा हापुड़ के किसी आयुर्वेद कॉलेज में बीएएमएस की द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। उसकी परीक्षा खराब हो गई थी जिसके बाद से वह परेशान चल रही थी। अक्सर वह अपनी दादी के घर बकरी मोहल्ला आया करती थी। रविवार को भी वह दादी के घर पर ही थी जहां उसका शव फंदे के सहारे झूलता मिला।


