गुरुवार को डिंडोरी जिले के ईदगाहों और मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह पर सुबह आठ बजे मुफ्ती अनीश अहमद नईमी ने नमाज करवाई। इस दौरान उन्होंने मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। नमाज के बाद मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई और शुभकामनाएं दीं। ईदगाह के बाहर जिला प्रशासन और पुलिस बल मौजूद रहा। नमाज के बाद इमाम ने मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि बकरीद हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल के महान त्याग तथा अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने उपदेश दिया कि यह पर्व हमें अपनी प्रिय वस्तु या इच्छा को अल्लाह की रजा के लिए कुर्बान करने का जज्बा सिखाता है। इमाम ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करने और कुर्बानी स्थल पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करने, तथा मानवता व भाईचारे के साथ एक-दूसरे के दुख-दर्द में शामिल होने का भी आह्वान किया। जिले में बकरीद पर्व शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बताया कि जिला मुख्यालय सहित सात थाना क्षेत्रों में ईदगाहों, मस्जिदों और प्रमुख चौराहों पर किसी भी अप्रिय घटना या विवाद को रोकने के लिए बल तैनात किया गया था। जिला मुख्यालय में 100 से अधिक और ग्रामीण अंचलों में भी 100 से अधिक जवान तैनात किए गए थे। ईदगाह के पास एसडीएम रामबाबू देवांगन, सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे, यातायात निरीक्षक सुभाष उईके, नायब तहसीलदार शैलेश गौर सहित पुलिस और नगर पालिका का अमला मौजूद रहा।


