Ebstein’s Anomaly Symptoms: हमारा दिल शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो दिन-रात बिना थके खून को पूरे शरीर में पंप करता रहता है। लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जो इंसान के साथ उसके जन्म से ही जुड़ी होती हैं। इन्हीं में से एक दुर्लभ और जन्मजात (Congenital) बीमारी है एबस्टीन एनोमली (Ebstein’s Anomaly)। यह बीमारी सीधे दिल के दाहिने हिस्से और उसके वाल्व को प्रभावित करती है। कई बार इसके लक्षण बचपन में ही दिखने लगते हैं, तो कई बार लोग बड़े होने तक इसके साथ बिना किसी बड़े लक्षण के रहते हैं। आइए इस बीमारी को समझते हैं।
क्या होती है Ebstein’s Anomaly?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, हमारे दिल में चार कमरे (Chambers) होते हैं दो ऊपर और दो नीचे। दिल के दाहिने ऊपरी कमरे (Right Atrium) और निचले कमरे (Right Ventricle) के बीच एक दरवाजा यानी वाल्व होता है, जिसे ट्राइकस्पिड वाल्व (Tricuspid Valve) कहते हैं। सामान्य स्थिति में यह वाल्व बिल्कुल सही जगह पर होता है और खून को सही दिशा में बहने देता है। लेकिन ‘एबस्टीन एनोमली’ से पीड़ित व्यक्ति में यह वाल्व अपनी सही जगह पर न होकर दिल के निचले कमरे में थोड़ा नीचे की तरफ बना होता है। इसके अलावा, इस वाल्व की बनावट भी सही नहीं होती (इसके पर्दे या लीफलेट्स असामान्य होते हैं)। इस वजह से दो मुख्य परेशानियां होती हैं;
- दिल का दाहिना निचला कमरा छोटा रह जाता है।
- वाल्व ठीक से बंद नहीं हो पाता।
Ebstein’s Anomaly क्यों होती है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह एक जन्मजात हृदय दोष (Congenital Heart Defect) है। इसका मतलब है कि जब बच्चा मां के पेट में विकसित हो रहा होता है, उसी दौरान दिल की बनावट में यह गड़बड़ी आ जाती है। इसके सटीक कारण का अभी तक पूरी तरह पता नहीं चल पाया है। ज्यादातर मामलों में यह बिना किसी पारिवारिक इतिहास के अचानक ही हो जाता है। हालांकि, कुछ शोधों में यह माना गया है कि गर्भावस्था के दौरान कुछ खास दवाओं का सेवन या जेनेटिक कारण इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
इसके मुख्य लक्षण और संकेत क्या हैं?
एबस्टीन एनोमली के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में यह समस्या बहुत हल्की होती है, जबकि कुछ में यह गंभीर रूप ले सकती है। इसके मुख्य संकेत इस प्रकार हैं;
- सांस फूलना।
- त्वचा या होठों का नीला पड़ना (Cyanosis)।
- दिल की धड़कन का अनियंत्रित होना (Arrhythmia)।
- पैर और पेट में सूजन।
- अत्यधिक थकान।
इसमें क्या-क्या जटिलताएं (Complications) आ सकती हैं?
अगर इस बीमारी पर समय रहते ध्यान न दिया जाए या यह ज्यादा गंभीर हो, तो इससे शरीर में कुछ और परेशानियां खड़ी हो सकती हैं;
- हार्ट फेलियर।
- अचानक धड़कन बहुत तेज होना।
- स्ट्रोक का खतरा।
इसका निदान (Diagnosis) और इलाज कैसे होता है?
- इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram/Echo)।
- ईसीजी (ECG)।
- एमआरआई (Cardiac MRI)।

